बरसात में नमी और संक्रमण के कारण कई रोग होते हैं. ऐसे में योग इन्हें रोकने और इनके प्रभाव को कम करने में कारगर हैं योग प्रशिक्षक बताते हैं कि बरसात के मौसम में कुछ विशेष योगासन करने से न केवल आप बीमारियों से बचते हैं. बल्कि शरीर भी फिट रहता है और मानसिक शांति और ऊर्जा भी मिलती है.
पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान के गुमला जिला प्रभारी और मुख्य योग प्रशिक्षक रूपेश कुमार सोनी ने Bharat.one को बताया कि योग हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. हमें निरोग जीवन जीने के लिए नियमित रूप से योग करना चाहिए. कुछ योग और प्राणायाम जैसे भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य क्रिया, अग्निसार, अनुलोम विलोम, ऊज्जाई, भ्रामरी, उध्दगीत, प्रणव ध्यान आदि को अपने दैनिक जीवन में जरूर शामिल करना चाहिए. इनसे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और आप बीमार नहीं पड़ेंगे.
बरसात के दिनों में वायरल इन्फेक्शन की संभावना ज्यादा होती है. ऐसे में सुप्त वज्रासन, मकरासन, भुजंगासन, सूर्य नमस्कार, उत्तानपादासन, नौकासन आदि करना चाहिए. ऊज्जाई प्राणायाम विशेष रूप से आपके गले और फेफड़ों के लिए बहुत जरूरी है. इसके साथ अनुलोम विलोम भी अवश्य करें. यह आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा.
आहार और देखभाल
सूर्य नमस्कार के साथ मंडूकासन, वक्रासन, योगमुद्रासन और अर्धचंद्रासन करने से बरसात के दिनों में बैक्टीरियल इंफेक्शन की संभावना नहीं रहेगी और सांस संबंधी परेशानी भी नहीं होगी. इस मौसम में उपयुक्त और संतुलित आहार लें और गुनगुने पानी का सेवन करें. इससे फेफड़ों की दिक्कत, खांसी, सर्दी और जुकाम जैसी समस्याएं नहीं होंगी. यदि ये समस्याएं हैं तो ठीक होने लगेंगी और नहीं हैं, तो आगे भी नहीं होंगी. बस योग करते रहें और हमेशा स्वस्थ रहें.
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