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Healthy Morning Routine: सुबह उठते ही तनाव लेना, नाश्ता छोड़ना, मोबाइल देखने की आदत और बिना वार्म अप के एक्सरसाइज करना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. अगर सुबह शांत दिमाग से उठें, हल्का नाश्ता करें, स्क्रीन से दूरी रखें और सही तरीके से शरीर को एक्टिव करें, तो पूरा दिन ज्यादा ऊर्जावान और पॉजिटिव रह सकता है.
Healthy Morning Routine: सुबह का समय सिर्फ एक नई शुरुआत नहीं होता, बल्कि यही वो वक्त होता है जो पूरे दिन की दिशा तय करता है. अगर सुबह सही आदतों के साथ शुरू हो जाए, तो शरीर में हल्कापन रहता है, मन शांत रहता है और काम करने की एनर्जी बनी रहती है. आयुर्वेद हो या आधुनिक विज्ञान, दोनों ही इस बात को मानते हैं कि सुबह की छोटी छोटी आदतें लंबे समय में सेहत पर बड़ा असर डालती हैं. लेकिन आज की भागदौड़ और मोबाइल से भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग सुबह उठते ही कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो शुरुआत में तो मामूली लगती हैं, लेकिन धीरे धीरे शरीर और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं.
कई लोग इसकी वजह से दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, गैस, सिरदर्द या तनाव महसूस करते हैं, लेकिन असली कारण पर ध्यान नहीं देते. अगर आप भी चाहते हैं कि आपका दिन हल्का, एक्टिव और पॉजिटिव रहे, तो सुबह उठते ही इन आदतों को बदलना बेहद जरूरी है.
सबसे पहली और सबसे बड़ी गलती होती है सुबह उठते ही तनाव लेना. बहुत से लोग आंख खुलते ही मोबाइल उठाकर ऑफिस के मैसेज, ईमेल या सोशल मीडिया देखने लगते हैं. कुछ लोग अगले काम, मीटिंग, पैसे या पढ़ाई की चिंता में डूब जाते हैं. आयुर्वेद के अनुसार सुबह का समय ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के आसपास का समय माना जाता है, जब मन और मस्तिष्क सबसे शांत और साफ होते हैं. इस समय अगर नकारात्मक सोच शुरू हो जाए, तो उसका असर पूरे दिन बना रहता है.
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विज्ञान भी कहता है कि सुबह सुबह तनाव लेने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे मूड खराब रहता है, नींद पूरी होने के बावजूद थकान महसूस होती है और पाचन भी कमजोर पड़ सकता है. बेहतर यही है कि सुबह उठकर दो मिनट गहरी सांस लें, खुद को थोड़ा समय दें और दिन की शुरुआत धीरे और शांत तरीके से करें.
दूसरी आम गलती है नाश्ता छोड़ देना. बहुत से लोग देर से उठते हैं या वजन घटाने के चक्कर में सुबह कुछ भी नहीं खाते और सीधे काम पर निकल जाते हैं. आयुर्वेद में नाश्ते को पाचन शक्ति यानी अग्नि को जगाने वाला बताया गया है. अगर सुबह कुछ नहीं खाया जाए, तो शरीर को दिन की शुरुआत में जरूरी ऊर्जा नहीं मिल पाती. आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि नाश्ता छोड़ने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, जिससे कमजोरी, चक्कर, चिड़चिड़ापन और लंबे समय में मोटापा या ब्लड शुगर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. सुबह का नाश्ता भारी नहीं होना चाहिए, लेकिन पौष्टिक जरूर होना चाहिए. दलिया, फल, दही, अंकुरित अनाज, मूंग दाल चीला या थोड़ा प्रोटीन शरीर को दिनभर के लिए तैयार करता है.
सुबह उठते ही मोबाइल या टीवी देखने की आदत भी सेहत के लिए नुकसानदायक मानी जाती है. बहुत से लोग आंख खुलते ही सबसे पहले मोबाइल स्क्रीन देखते हैं. आयुर्वेद के अनुसार इससे मन अशांत होता है और एकाग्रता कमजोर पड़ती है. विज्ञान भी बताता है कि सुबह के समय जब शरीर प्राकृतिक रोशनी के अनुसार खुद को एक्टिव करने की कोशिश करता है, उस समय स्क्रीन की तेज रोशनी आंखों और दिमाग पर दबाव डालती है. इससे सिरदर्द, आंखों में जलन और दिनभर सुस्ती रह सकती है. बेहतर यही है कि उठने के बाद कुछ मिनट खिड़की के पास खड़े होकर बाहर की रोशनी देखें, हल्की स्ट्रेचिंग करें या दो चार मिनट ध्यान में बैठें. इससे शरीर और दिमाग दोनों धीरे धीरे जागते हैं.
एक और बड़ी गलती है बिना वार्म अप के भारी एक्सरसाइज शुरू कर देना. नींद के दौरान शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और थोड़ी अकड़न भी रहती है. ऐसे में सुबह उठते ही तेज दौड़, भारी वजन उठाना या अचानक कठिन एक्सरसाइज करना चोट का कारण बन सकता है. आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि सुबह सबसे पहले हल्की स्ट्रेचिंग, योगासन या वॉर्म अप करना चाहिए. इससे मांसपेशियां धीरे धीरे एक्टिव होती हैं, खून का संचार बेहतर होता है और चोट का खतरा कम रहता है. इसके बाद ही एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ानी चाहिए.
इसके अलावा कुछ लोग सुबह उठते ही पानी पीना भी भूल जाते हैं. रातभर सोने के बाद शरीर हल्का सा डिहाइड्रेट हो जाता है. ऐसे में सुबह एक या दो गिलास सादा पानी पीना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इससे पाचन तंत्र एक्टिव होता है, कब्ज की समस्या कम होती है और शरीर अंदर से साफ महसूस करता है. गुनगुना पानी और भी बेहतर माना जाता है.
अगर आप सुबह की इन छोटी छोटी आदतों पर ध्यान देने लगें, तो कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगता है. दिनभर थकान कम रहती है, मन हल्का रहता है और काम में मन लगता है. याद रखें, अच्छी सेहत के लिए बड़े बदलाव नहीं, बल्कि सुबह की सही शुरुआत सबसे जरूरी होती है.
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