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एक नई रिसर्च से पता चला है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए पुरुषों को महिलाओं के मुकाबले लगभग दोगुना व्यायाम करने की जरूरत होती है. जहाँ पुरुषों को हफ्ते में 5 घंटे एक्सरसाइज का फायदा मिलता है, वहीं महिलाओं को सिर्फ 2.5 घंटे में ही वही लाभ मिल जाता है.
महिला और पुरुषों में समानता को लेकर यूं तो काफी बातें हो रही हैं, लेकिन एक हेल्थ रिसर्च ने साबित कर दिया है कि प्रकृति भी महिला और पुरुषों में कई चीजों में अंतर किया है. एक नए अध्ययन में पता चला है कि अपनी हार्ट-हेल्थ को अच्छा रखने और लंबी उम्र पाने के लिए पुरुषों को महिलाओं के मुकाबले लगभग दोगुना व्यायाम करने की जरूरत होती है.
रिसर्च क्या कहती है?
इस स्टडी के मुताबिक
दीपिका शर्मा पिछले 5 सालों से Bharat.one Hindi में काम कर रही हैं. News Editor के पद पर रहते हुए Entertainment सेक्शन को 4 सालों तक लीड करने के साथ अब Lifestyle, Astrology और Dharma की टीम को लीड कर रही हैं. पत्र…और पढ़ें
दीपिका शर्मा पिछले 5 सालों से Bharat.one Hindi में काम कर रही हैं. News Editor के पद पर रहते हुए Entertainment सेक्शन को 4 सालों तक लीड करने के साथ अब Lifestyle, Astrology और Dharma की टीम को लीड कर रही हैं. पत्र… और पढ़ें
यानी, महिलाएं पुरुषों के मुकाबले आधे समय में ही वही स्वास्थ्य लाभ हासिल कर सकती हैं.
उदाहरण के लिए अगर एक पुरुष को 5 दिन, रोजाना 1-1 घंटा तेजी से वॉक या जॉगिंग करनी पड़ेगी. वहीं महिला को वही फायदा हफ्ते में 5 दिन, रोजाना सिर्फ 30 मिनट की वॉक से ही मिल जाएगा.
यह अंतर क्यों है?
वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके पीछे शारीरिक बनावट के अंतर जिम्मेदार हो सकते हैं. उनका कहना है कि एक ही तरह की एक्सरसाइज करने पर महिलाओं का शरीर ज्यादा तेजी और कुशलता से उसका फायदा उठाता है. ऐसा मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं की संरचना में अंतर की वजह से हो सकता है.
यह रिसर्च कितनी भरोसेमंद है?
यह अध्ययन अमेरिका के प्रतिष्ठित सीडर्स-सिनाई मेडिकल सेंटर के स्मिड्ट हार्ट इंस्टीट्यूट में किया गया है. इसमें लगभग 400,000 वयस्क अमेरीकियों के 22 साल के स्वास्थ्य डेटा को विश्लेषण किया गया. इस रिसर्च को जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित किया गया है, जो दिल की बीमारियों पर दुनिया की टॉप रिसर्च जर्नल्स में से एक है.
मुख्य शोधकर्ता डॉ. सुसान चेंग ने बताया कि यह अध्ययन “महिला और पुरुष शरीर क्रिया विज्ञान में अंतर” को उजागर करता है और इस बात पर जोर देता है कि “एक-साइज-फिट्स-ऑल” का तरीका स्वास्थ्य के मामले में काम नहीं करता.
हमारे लिए इस रिसर्च के क्या फायदे?
इस रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि पुरुषों को हार मान लेनी चाहिए या महिलाओं को कम मेहनत करनी चाहिए. बल्कि, इसका सीधा सा मतलब है कि अपने शरीर को समझें. अगर आप फिट रहना चाहते हैं, तो आपको नियमित रूप से थोड़ा ज्यादा समय एक्सरसाइज के लिए देना होगा. वहीं महिलाओं की बात करें तो उन्हें थोड़ी सी मेहनत भी हार्ट डिजीज के खतरों से दूर रख सकती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो अपनी सेहत पर ध्यान न दें. सबसे बड़ी बात यह है कि नियमित व्यायाम, चाहे वह कितना भी हो, आलस्य से तो बेहतर ही है.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-new-study-finds-reveals-surprising-answer-men-need-nearly-twice-the-exercise-as-women-for-same-heart-benefits-qdps-9848645.html
