पिंपल ठीक होने के बाद चेहरे पर जो काले निशान या हाइपरपिग्मेंटेशन रह जाते हैं, वे कई लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं. ये दाग सिर्फ ऊपर से दिखने वाली समस्या नहीं होते, बल्कि त्वचा के अंदर मेलनिन नामक पिगमेंट के असंतुलन की वजह से बनते हैं. जब त्वचा में सूजन या इंफ्लेमेशन होता है, तो शरीर उस जगह को ठीक करने के लिए ज्यादा मेलनिन बनाने लगता है. इसी कारण पिंपल के ठीक होने के बाद उस स्थान पर डार्क स्पॉट नजर आने लगते हैं. इन्हें पूरी तरह हटाने में समय लगता है, लेकिन सही देखभाल से इन्हें काफी हद तक हल्का किया जा सकता है.
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे जरूरी बात यह समझना है कि पिंपल के दाग अपने आप तुरंत गायब नहीं होते. ये धीरे-धीरे हल्के होते हैं और इसमें कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं. इस दौरान त्वचा के साथ छेड़छाड़ करना, दाग को खरोंचना या बार-बार दबाना स्थिति को और बिगाड़ सकता है. सही स्किन केयर रूटीन अपनाने से त्वचा को रिपेयर होने का मौका मिलता है और नए दाग बनने से भी बचाव होता है.
सन प्रोटेक्शन की भूमिका सबसे अहम
डार्क स्पॉट और हाइपरपिग्मेंटेशन को कम करने में सन प्रोटेक्शन की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है. धूप की अल्ट्रावायलेट किरणें मेलनिन को और सक्रिय कर देती हैं, जिससे दाग और गहरे हो सकते हैं. इसलिए रोजाना बाहर निकलने से पहले ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है. चाहे घर से बाहर थोड़ी देर के लिए ही क्यों न निकलें, सनस्क्रीन लगाने की आदत त्वचा को लंबे समय तक साफ बनाए रखने में मदद करती है.
पिग्मेंटेशन कम करने में मदद करती है ये चीज
स्किन केयर प्रोडक्ट्स की बात करें, तो कुछ एक्टिव इंग्रीडिएंट्स डार्क स्पॉट को हल्का करने में असरदार माने जाते हैं. विटामिन C त्वचा को ब्राइट करने के साथ-साथ मेलनिन के निर्माण को नियंत्रित करता है. रेटिनॉल या रेटिनॉइड्स त्वचा की सेल टर्नओवर प्रक्रिया को तेज करते हैं, जिससे पुरानी पिग्मेंटेड स्किन धीरे-धीरे हटती है. एजेलिक एसिड और कोजिक एसिड भी पिग्मेंटेशन कम करने में मदद करते हैं, लेकिन इन्हें धीरे-धीरे और सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि त्वचा में जलन न हो.
कुछ घरेलू उपाय जानें
घरेलू उपाय भी डार्क स्पॉट को हल्का करने में सहायक हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें नियमित और सही तरीके से अपनाया जाए. ऐलोवेरा जेल त्वचा को शांत करता है और धीरे-धीरे रंग को समान बनाने में मदद करता है. दही या छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड हल्का एक्सफोलिएशन करता है, जिससे मृत त्वचा निकलती है और नई त्वचा उभरती है. हालांकि, किसी भी घरेलू नुस्खे को लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी होता है.
इन ट्रीटमेंट से भी मिलती है मदद
अगर दाग बहुत जिद्दी हैं और घरेलू या सामान्य प्रोडक्ट्स से फर्क नहीं दिख रहा, तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है. केमिकल पील, माइक्रोडर्माब्रेशन और लेजर जैसे ट्रीटमेंट्स पिग्मेंटेशन को तेजी से कम करने में मदद कर सकते हैं. ये प्रोफेशनल ट्रीटमेंट्स त्वचा की ऊपरी परत को नियंत्रित तरीके से हटाकर नई और साफ त्वचा को सामने लाते हैं. पिंपल के डार्क स्पॉट और हाइपरपिग्मेंटेशन को हटाने के लिए धैर्य और सही रूटीन सबसे जरूरी है. नियमित सफाई, मॉइस्चराइजिंग, सनस्क्रीन का इस्तेमाल और सही एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के साथ स्किन केयर अपनाने से समय के साथ त्वचा साफ, समान और स्वस्थ नजर आने लगती है.
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