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Prathamesh Kadam death by Stomach Infection | क्या पेट में इंफेक्शन से भी हो सकती है मौत

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Is Stomach Infection Cause Death: इंफ्लूएंसर प्रथमेश कदम का मात्र 25 साल की भरी जवानी में निधन हो गया. ऐसा कहा जा रहा है कि उन्हें पेट में इंफेक्शन हो गया था. इस कारण एक महीने से वे अस्पताल में थे लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मामूली पेट का इंफेक्शन भी मौत का कारण बन सकता है. इस विषय पर हमने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ.अमित मिगलानी ने से बात की.

प्रथमेश कदम अक्सर अपनी मां के साथ रील्स बनाते थे.

Prathamesh Kadam Death: पेट में दर्द हो, उल्टी हो, मतली हो, मरोड़ दे, गैस हो तो आमतौर पर लोग केमिस्ट की दवा दुकान से दवाइयां ले आते हैं और ठीक हो जाते हैं. यहां तक कि पेट में इंफेक्शन के कारण अगर फूड प्वाइजनिंग भी हो जाए तो भी खुद से दवा लेकर ठीक हो जाता है. लेकिन क्या कभी आपने पेट में इंफेक्शन के कारण मौत के मामले सुने हैं. दरअसल, मराठी के फेमस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर प्रथमेश कदम की मौत के बाद इस सवाल को हवा दे दी है. उनके दोस्त ने बताया कि प्रथमेश एक महीने से पेट में इंफेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती थी. इसी इंफेक्शन के कारण उनकी मौत हो गई. क्या ऐसा संभव है. इसी सवाल को हमने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अमित मिगलानी से जाननी चाही.

क्या ऐसा संभव है
डॉ. अमित मिगलानी ने बताया कि जी बिल्कुल ऐसा हो सकता है. पेट में इंफेक्शन की वजह से मौत भी हो सकती है. लेकिन हमें यह जानना होगा कि पेट में इंफेक्शन किस तरह का हुआ था और उसके बाद क्या है. आमतौर पर पेट में इंफेक्शन से मौत नहीं होती है लेकिन गंभीर परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है. दो-तीन मामलों में ऐसा होने की आशंका ज्यादा होती है. उन्होंने कहा कि अगर मरीज को पेनक्रिएटाइटिस pancreatitis हो जाए या अल्सर हो जाए तो तो इस स्थिति में यह फट सकता है और फिर इससे जहर बनने सकता है जो पूरे शरीर में फैल सकता है और मरीज की मौत हो सकती है. डॉ. मिगलानी ने कहा कि प्रथमेश के साथ क्या कंडीशन थी, यह तो उनके डॉक्टरों को पता होगा लेकिन पेट के इंफेक्शन की कई स्थितियां होती हैं जिनमें कुछ घातक भी हो सकती है.

पेनक्रिएटाइटिस में क्या होता है
पहले समझिए कि पैंक्रियाज होता क्या है. पैंक्रियास आपके पेट में मौजूद एक अंग है. यह पेट और रीढ़ की हड्डी के बीच में होता है. पैंक्रियास पाचन और शुगर को कंट्रोल करने के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यही से पाचन एंजाइम और हार्मोन शुगर को एब्जॉर्व करने के लिए इंसुलिन हार्मोन बनाता है. पैंक्रियास अपने पाचन एंजाइम को पैंक्रियाटिक डक्ट के जरिए छोटी आंत तक पहुंचाता है. जब इस पैंक्रियाज में कई कारणों से सूजन हो जाए तो इसे पेनक्रिएटाइटिस कहा जाता है. इसमें बहुत दर्द होता है जो पीठ दर्द तक फैल सकता है. आमतौर पर यह जानलेवा नहीं होता है लेकिन गंभीर स्थितियों में यह जानलेवा हो सकता है. कुछ लोगों में जह गंभीर किस्म का पैंक्रियाटाइटिस हो जाए तो यह पूरे शरीर को प्रभावित करने लगता है. इससे शॉक और कई अंगों के फेल होने की स्थिति हो सकती है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है. कुछ मामलों में पेनक्रिएटाइटिस के कारण यह फट जाता है और पूरे शरीर में जहर फैल जाता है. इससे भी मौत हो सकती है.

क्या अल्सर से भी हो सकती है मौत
जब पेट में अधिक एसिड बनने लगे तो यह आंतों की दीवार में घाव बना देता है और धीरे-धीरे इसमें छेद होने लगता है. आमतौर पर इसका इलाज हो जाता है लेकिन इलाज में देरी होने पर यह गंभीर हो सकता है. कुछ अल्सर में लगातार खून बहता रहता है. इससे समय के साथ शरीर में खून की कमी हो सकती है. पेट के अल्सर से खून बहना हल्का भी हो सकता है और बहुत ज़्यादा भी. मध्यम मात्रा में खून की कमी से एनीमिया हो सकता है, जबकि ज़्यादा खून बहने पर शॉक की स्थिति बन सकती है. यह जानलेवा हो सकता है.

                                किन परिस्थितियों में जानलेवा बन सकता है पेट का इंफेक्शन?

  • सेप्सिस : जब पेट का इंफेक्शन खून में फैल जाता है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम खुद के ही अंगों पर हमला करने लगता है. इसे सेप्सिस कहते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर गिर जाता है और किडनी, लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं, जिससे मौत हो सकती है.
  • गंभीर पेनक्रिएटाइटिस : यदि पैंक्रियाज में सूजन गंभीर हो जाए, तो यह अंग गलने लगता है. इस स्थिति में पैंक्रियाज फट सकता है और शरीर के भीतर जहरीले एंजाइम फैल सकते हैं, जिससे मरीज शॉक में चला जाता है.
  • आंतों में छेद और इंटरनल ब्लीडिंग: पेट का अल्सर या गंभीर इंफेक्शन अगर आंतों की दीवार को भेदकर छेद कर दे, तो पेट की गंदगी पूरे शरीर में फैल जाती है. इससे अचानक तेज खून की कमी और पेरिटोनिटिस (पेट की परत में जहर फैलना) हो सकता है, जो तुरंत मौत का कारण बनता है.
  • गंभीर डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस: लगातार उल्टी और दस्त के कारण शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स (पोटेशियम, सोडियम) पूरी तरह खत्म हो जाते हैं. इससे दिल की धड़कन रुक सकती है या मरीज कोमा में जा सकता है.
  • इलाज में देरी और सेल्फ मेडिकेशन: पेट दर्द होने पर केमिस्ट से लेकर खुद ही दवा खाना सबसे खतरनाक है. यह दवाएं असली समस्या (जैसे अपेंडिक्स का फटना या अल्सर) के लक्षणों को दबा देती हैं और जब तक मरीज अस्पताल पहुंचता है, तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका होता है.

सेप्सिस होना गंभीर
डॉ. अमित मिगलानी बताते हैं कि अगर पेट का इंफेक्शन सामान्य बीमारी है जिसमें अधिकांश मामलों का इलाज हो जाता है. कुछेक रेयर मामलों में यह गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है. अगर स्थिति गंभीर हो जाए और सेप्सिस हो जाए तो यह खतरनाक स्थिति है. सेप्सिस में शरीर का इम्यून सिस्टम फेल होने लगता है वह बाहरी दुश्मनों से लड़ने में असहाय हो जाता है. इस कारण टिशू डैमेज होन लगता है और धीरे-धीरे शरीर के जीवनदायी अंग फेल होने लगते हैं. इस स्थिति में मौत भी हो सकती है.

कब सचेत हो जाना चाहिए
डॉ. अमित मिगलानी कहते हैं कि आमतौर पर इसमें सामान्य लक्षण ही दिखते हैं लेकिन जब आपको बार-बार पेट में दर्द करें. कुछ दिन ठीक होकर फिर से दर्द बढ़ने लगे, मल में खून आने लगे, खून की उल्टियां होने लगे तो ऐसे मामलों में आपको हर हाल में डॉक्टर से दिखाना चाहिए. वरना ये लक्षण खतरनाक बन सकते हैं.

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Lakshmi Narayan

18 साल से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा। लक्ष्मी नारायण ने अपने लंबे करियर में डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक के विभिन्…और पढ़ें

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मामूली पेट के इंफेक्शन ने छीन ली 25 साल के इंफ्लूएंशर प्रथमेश कदम की जान


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-prathamesh-kadam-death-by-stomach-infection-doctor-amit-miglani-explain-symptoms-cause-treatment-10116546.html

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