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Smriti Mandhana: वही एक सोच… जो पूरा दिन खराब कर देती है, जानिए स्मृति मंधाना ने ऐसा क्यों कहा?

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Smriti Mandhana: हर दिन सुबह बिस्तर से उठते ही जो भी ख्याल हमारे मन में आते हैं, वही हमारा पूरा दिन तय करते हैं. इसलिए अगर सुबह हमें पॉजिटिव सोच आती है तो दिन अच्छा जाता है, लेकिन अगर नेगेटिव सोच आती है तो पूरा दिन खराब हो सकता है. अब यही बात भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी स्मृति मंधाना ने भी कही है. ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि सुबह उठते ही पॉजिटिव सोच कैसे हमें सही रास्ते पर ले जाती है.

नेगेटिविटी खराब कर देती है पूरा दिन   

पॉडकास्ट में स्मृति ने कहा कि दिन की शुरुआत में अगर आप एक भी नेगेटिव बात अपने मन या दिमाग में जगह देते हैं, तो वो पूरा दिन खराब कर देती है. जैसे अगर हम कोई क्रिकेट मैच हार जाते हैं, तो हार के बारे में सोचने की बजाय उस हार से क्या सीखा, ये याद करना चाहिए.

नेगेटिविटी छोड़ पॉजिटिव सोच रखें

इसी तरह, अगर दिन की शुरुआत में कई नेगेटिव बातें भी हों, तो उन्हें साइड में रखकर पॉजिटिव सोच के साथ दिन शुरू करना चाहिए, इससे पूरा दिन अच्छा जाता है. स्मृति मंधाना ने कहा कि अगर हम अपना ध्यान नेगेटिविटी से हटाकर पॉजिटिविटी की तरफ ले जाएं, तो शायद हमारा पूरा दिन और भी प्रोडक्टिव हो सकता है.

स्मृति मंधाना की सोच पावरफुल टूल्स

इस बारे में क्लिनिकल क्लीयरिटी के साथ समझाने के लिए, आकाश हेल्थकेयर की एसोसिएट कंसल्टेंट-साइकेट्रिस्ट डॉ. पवित्रा शंकर ने भी बताया कि इसके पीछे क्या वजहें हैं और उन्होंने अपने अनुभव भी शेयर किए. स्मृति मंधाना ने जिस प्रोसेस को बताया, वो स्पोर्ट्स साइकोलॉजी के सबसे पावरफुल टूल्स में से एक है, जिसे पॉजिटिव सेल्फ-टॉक कहते हैं. जब खिलाड़ी अपना ध्यान एक नेगेटिव घटना से हटाकर पॉजिटिव बातों की तरफ ले जाते हैं, तो उनका इमोशनल बैलेंस मजबूत होता है और परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है.

पॉजिटिविटी खेलों में बढ़ाती है परफॉर्मेंस

डॉ. शंकर ने बताया कि इस तरह की सोच टेनिस या फुटबॉल जैसी स्किल-बेस्ड खेलों में भी परफॉर्मेंस बढ़ाती है, सहनशीलता बढ़ाती है और मसल्स की ताकत को भी सपोर्ट करती है. डॉ. शंकर ने ये भी बताया कि कई CBT बेस्ड टूल्स लोगों को उनकी परेशानियों का इमोशनल बोझ कम करने में मदद करते हैं.

अवेयरनेस री-फ्रेमिंग, जो एक अहम CBT टेक्निक है, वो लोगों को सिखाती है कि ‘मैं फेल हो गया’, ‘मैं हमेशा कन्फ्यूज रहता हूं’, या ‘ये सब खराब हो जाएगा’ जैसी सोच को पहचानें और उसे बैलेंस्ड, रियलिस्टिक वैल्यू से बदलें.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/trends-cricketer-smriti-mandhana-think-reveals-secret-of-changing-day-with-positive-self-talk-ws-kl-9988421.html

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