Home Travel Mushroom Rock Hyderabad – Natural Wonder in University Campus

Mushroom Rock Hyderabad – Natural Wonder in University Campus

0
1


Last Updated:

Hyderabad Mushroom Rock: हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर की मशरूम रॉक एक दुर्लभ प्राकृतिक संरचना है जिसका निर्माण हवा और मिट्टी के हज़ारों वर्षों के कटाव से हुआ है. ASI द्वारा संरक्षित यह चट्टान शहर की प्रीकैम्ब्रियन युग की भूवैज्ञानिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उचित संरक्षण, प्रबंधन और विश्वविद्यालय की अनुमति से इसे एक प्रमुख पर्यटन और शैक्षिक स्थल में बदला जा सकता है.

हैदराबाद. टेक्नोलॉजी और ऐतिहासिक विरासत के लिए मशहूर यह शहर, एक ऐसे प्राकृतिक अजूबे को भी अपने भीतर छुपाए बैठा है जिसे देखकर कोई भी आश्चर्यचकित हो जाए. हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) के शांत और विशाल परिसर में स्थित ‘मशरूम रॉक’ एक ऐसी भूवैज्ञानिक संरचना है जिसका निर्माण हज़ारों वर्षों के प्राकृतिक क्षरण से हुआ है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह चट्टान प्रीकैम्ब्रियन युग से जुड़ी मानी जाती है, यानी इसकी उम्र करोड़ों वर्षों तक जा सकती है, जो इसे शहर के सबसे पुराने प्राकृतिक स्मारकों में से एक बनाती है.

हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद यह विशाल शिला अपनी अनोखी बनावट के कारण सबसे खास मानी जाती है. यह चट्टान दो बेहद संकरे आधारों पर संतुलित है, जबकि इसका ऊपरी हिस्सा चौड़ा और उठावदार है, बिल्कुल किसी विशाल मशरूम की तरह. इसी अनोखे आकार की वजह से इसे “मशरूम रॉक” या पीडेस्टल रॉक कहा जाता है. इसका संतुलित आकार ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति ने इसे सावधानीपूर्वक तराशा हो.

कैसे बनी यह अनोखी संरचना?
विशेषज्ञ बताते हैं कि यह चट्टान हवा और मिट्टी के क्षरण (Erosion) का परिणाम है. इस प्रक्रिया को वायु अपघर्षण (Aeolian Abrasion) भी कहते हैं.

  • ऊँचाई पर चलने वाली तीव्र हवा और धूल के कण चट्टान पर लगातार प्रहार करते रहे.
  • चट्टान के मध्य भाग का पत्थर मुलायम था, जो धीरे-धीरे घिसता गया.
  • इसी प्रक्रिया के चलते ऊपरी भाग (जो कठोर था) सुरक्षित रहा और समय के साथ उसने एक छत्रनुमा (canopy-like) आकार ग्रहण कर लिया.

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इसे हैदराबाद की महत्वपूर्ण विरासत चट्टानों में शामिल किया है. दिलचस्प बात यह है कि ऐसी ही प्राकृतिक आकृतियाँ विंध्य पर्वत श्रृंखला और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी पाई जाती हैं, लेकिन शहर के भीतर इतनी सुरक्षित और विशाल संरचना कम ही देखने को मिलती है.

कैसे पहुंचें मशरूम रॉक?
यह चट्टान गाचीबोवली क्षेत्र में स्थित हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) परिसर के भीतर है. निकटतम मेट्रो स्टेशन रायदुर्ग और हाइटेक सिटी हैं. वहाँ से बस, कैब या ऑटो के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है. परिसर में प्रवेश करने और साइट तक पहुँचने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से पहले अनुमति आवश्यक है.

संरक्षण की चुनौती और भविष्य की संभावना
अनियंत्रित शहरीकरण के चलते हैदराबाद की कई ऐतिहासिक चट्टानें खतरे में आ चुकी हैं. हालांकि Society to Save Rocks जैसे संगठन लंबे समय से इन चट्टानों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं. उनके अनुसार, शहर के लगभग 25 संरक्षित रॉक साइट्स में से करीब 10 स्थलों को भूवैज्ञानिक स्मारक (Geo Heritage Site) के रूप में विकसित किया जा सकता है.

मशरूम रॉक इनमें सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. उचित प्रबंधन, पर्यटन मार्गदर्शन और वैज्ञानिक व्याख्या केंद्र विकसित किए जाएं तो यह स्थल हैदराबाद का प्रमुख शैक्षिक और पर्यटन आकर्षण बन सकता है, जो शहर के भूवैज्ञानिक अतीत को उजागर करेगा.

homeandhra-pradesh

हैदराबाद यूनिवर्सिटी में मिली मशरूम रॉक, ASI ने किया विरासत में शामिल


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/andhra-pradesh/hyderabad-hyderabad-university-hides-a-natural-wonder-see-the-mushroom-shaped-rock-local18-9940151.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version