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Chintaman Ganesh Temple Sehore: मंदिर के अंदर खड़ी प्रतिमा है, आधी जमीन में धसी है.गणपति बप्पा के अनेक मंदिरों में दर्शन आपने जरूर किए होंगे, लेकिन आज जिस मंदिर के बारे में हम आपको बता रहे हैं वह अपने आप में बेह…और पढ़ें
मंदिर के अंदर खड़ी प्रतिमा है, आधी जमीन में धसी
हाइलाइट्स
- सीहोर का चिंतामण गणेश मंदिर 2000 साल पुराना है.
- गणेश जी की मूर्ति खड़ी और आधी जमीन में धंसी है.
- उल्टा स्वास्तिक बनाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
Sehore Ganesh temple history: सीहोर का चिंतामण गणेश मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में से एक है. माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 2000 साल पुराना है और इसकी स्थापना सम्राट विक्रमादित्य ने की थी. यह मंदिर केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है.
गणपति बप्पा की स्वयंभू प्रतिमा
इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां गणेश जी की मूर्ति खड़ी हुई है और आधी जमीन में धंसी हुई है. कहा जाता है कि यह स्वयंभू प्रतिमा है, जो अपने चमत्कारिक प्रभाव के लिए प्रसिद्ध है. भक्तों का मानना है कि गणपति बप्पा आज भी इस मंदिर में साक्षात रूप में निवास करते हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना को जरूर स्वीकार करते हैं.
सम्राट विक्रमादित्य और चिंतामण गणेश
ऐसा कहा जाता है कि जब भी सम्राट विक्रमादित्य किसी परेशानी में होते थे, तो वे इस मंदिर में आकर गणपति बप्पा की शरण में जाते थे और उनकी सभी चिंताएं दूर हो जाती थीं. इसी मान्यता के चलते आज भी लोग अपनी समस्याओं को लेकर यहां आते हैं और गणपति से मन्नत मांगते हैं.
गणेश उत्सव की धूम
हर साल गणेश चतुर्थी से शुरू होकर दस दिनों तक इस मंदिर में भव्य मेला लगता है, जिसमें हजारों देशी और विदेशी भक्त शामिल होते हैं. इस दौरान विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और विशाल मोदकों का भोग लगाया जाता है.
उल्टे स्वास्तिक का रहस्य
मंदिर के पुजारी पंडित हेमंत वल्लभ दुबे बताते हैं कि यदि यहां उल्टा स्वास्तिक बनाया जाए, तो सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसी कारण भक्तों की भीड़ सालभर लगी रहती है.
चार स्थानों पर मौजूद हैं चिंतामण गणेश जी की मूर्तियां
भारत में चिंतामण गणेश जी की चार प्रमुख प्रतिमाएं मानी जाती हैं:
सवाई माधोपुर (राजस्थान) – रणथंभौर में स्थित
उज्जैन (मध्य प्रदेश)
सिद्धपुर (गुजरात)
सीहोर (मध्य प्रदेश)
कैसे पहुंचे मंदिर?
सीहोर का चिंतामण गणेश मंदिर भोपाल से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर स्थित है. दर्शन के लिए मंदिर सुबह सूर्योदय से रात 9 बजे तक खुला रहता है.
Sihora,Jabalpur,Madhya Pradesh
February 18, 2025, 15:30 IST
इस मंदिर में बना आएं उल्टा स्वास्तिक, पूरी होगी हर अधूरी कामना!
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