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कब पड़ रही है पुत्रदा एकादशी, साधु-संत भी रखते हैं ये वाला व्रत, गृहस्थों का क्या मिलेगा, जानें

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Putrada Ekadashi Benefits : एकादशी तिथि विष्णु भगवान को समर्पित है. सालभर में होने वाली 24 एकादशी मानव कल्याण के लिए खास है. पौष मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि घट रही है, जिसमें पहले दिन गृहस्थ साधक इसका फल प्राप्त करेंगे. अगले दिन साधु-संतों का भगवान का आशीर्वाद मिलेगा. एकादशी का व्रत शास्त्रों में बताई गई विधि से करने पर जीवन में खुशियां बनी रहेंगी. Bharat.one ने इस बारे में हरिद्वार के धर्माचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री से बात की.

हरिद्वार. वैदिक पंचांग के अनुसार पौष मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के घटने के बाद भी इसका दो दिनों तक फल प्राप्त होगा. पहले दिन गृहस्थ जीवन वाले साधक इसका फल प्राप्त करेंगे. अगले दिन साधु-संत ये व्रत करके भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे. तिथियों का घटना और बढ़ाना ग्रहों की चाल पर निर्भर करता है. अगर कोई तिथि का समय बढ़ जाता है तो उस पर धार्मिक कार्य करने से उसका दोगुना फल मिलता है. लेकिन अगर कोई तिथि घट जाए तो उसका फल प्राप्त करने के लिए भी शास्त्रों में उपाय बताए गए हैं. एकादशी तिथि विष्णु भगवान को समर्पित होती है. सालभर में होने वाली 24 एकादशी मानव कल्याण के लिए बेहद ही खास और फल प्रदान करने वाली होती है. वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि क्षय यानी घट रही है.

क्या होगा लाभ

हरिद्वार के विद्वान धर्माचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि साल में होने वाली 24 एकादशी का अपना-अपना महत्त्व होता है. एकादशी का व्रत शास्त्रों में बताई गई विधि से करने पर भगवान विष्णु की कृपा सदैव बनी रहती है और जीवन में कोई समस्या नहीं आती. वैदिक पंचांग के अनुसार, 30 दिसंबर मंगलवार को पौष मास शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाएगा, जिसका समय 31 दिसंबर तक रहेगा. ज्योतिषी गणना के अनुसार, एकादशी क्षय होने के कारण इसका व्रत पौष मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 30 दिसंबर को किया जाएगा और 31 दिसंबर को पौष मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि में भी ये व्रत किया जाएगा.

इनके लिए भी जरूरी

एकादशी व्रत का समय 30 दिसंबर की सुबह 7:51 से शुरू होगा और 31 दिसंबर यानी एकादशी विद्या द्वादशी में 1 जनवरी 2026 की सुबह 1: 47 तक रहेगा. 30 दिसंबर को जहां स्मार्त्त यानी सांसारिक जीवन जीने वाले साधक इस व्रत को करके कई गुना फल प्राप्त करेंगे. 31 दिसंबर को साधु संतों की ओर से यह व्रत करके भगवान विष्णु का संपूर्ण फल प्राप्त किया जाएगा. सांसारिक जीवन जीने वाले गृहस्थ लोग जो पुत्र प्राप्ति चाहते हैं या अपने पुत्र की दीर्घायु, बेहतर स्वास्थ्य, उन्नति चाहते हैं उनकी ओर से यह व्रत विधि विधान से करने पर संपूर्ण फल मिलेगा.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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