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Chitra shivratri Vrat 2025 :चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि में मासिक शिवरात्रि का व्रत करने पर जीवन में चल रही सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है. यह व्रत विध…और पढ़ें
चैत्र कृष्ण पक्ष मासिक शिवरात्रि व्रत
हाइलाइट्स
- चैत्र कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि व्रत करें.
- व्रत करने से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है.
- विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का फल मिलता है.
ओम प्रयास /हरिद्वार. वैदिक पंचांग के अनुसार हिंदू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र मास से होती है और हिंदू वर्ष का आखिरी पक्ष चैत्र ही होता है. हिंदू धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व बताया गया है. चैत्र मास शुक्ल पक्ष से विक्रम संवत की शुरुआत होती है और चैत्र कृष्ण पक्ष संवत का आखिरी पक्ष होता है. संवत के आखिरी पक्ष में कुछ विशेष त्यौहार और व्रत का आगमन होता है, जिनको विधि विधान से करने पर लाखों गुना फल मिलता है. ऐसे ही चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि में मासिक शिवरात्रि का व्रत करने पर जीवन में चल रही सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है.
चैत्र कृष्ण पक्ष में मासिक शिवरात्रि व्रत की ज्यादा जानकारी देते हुए हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि चैत्र कृष्ण पक्ष संवत का आखिरी पक्ष होता है, जिसमें अमावस्या के बाद नए संवत की शुरुआत हो जाती है. संवत 2081 के चैत्र कृष्ण पक्ष में मासिक शिवरात्रि का व्रत बेहद ही चमत्कारी और लाभ प्रदान करने वाला है. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है जो चैत्र कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाएगा. कुंवारी कन्याओं द्वारा यह व्रत विधि विधान से करने पर मनचाहे वर की प्राप्ति होती है और जीवन में कभी भी समस्याएं नहीं आती हैं.
व्रत करने पर विवाहित महिलाओं को मिलेगा विशेष फल
वह आगे बताते हैं कि विवाहित महिलाओं द्वारा यदि इस व्रत को किया जाए तो उन्हें अखंड सौभाग्य का फल प्राप्त होता है. इस व्रत को करने से संतान संबंधी सुख, संतान की उन्नति पति की दीर्घायु में वृद्धि होती है. वही इस व्रत को यदि कुंवारे लड़के करें तो उन्हें भी मनचाही पत्नी प्राप्ति होती है और भगवान शिव, माता पार्वती सदैव अपनी कृपा बनाए रखते हैं. इस व्रत को 27 मार्च के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करके पवित्र हृदय और मन से भगवान शिव और माता पार्वती के मासिक शिवरात्रि व्रत का संकल्प करें. इसके बाद किसी सिद्ध पीठ मंदिर में जाकर भोलेनाथ का गंगाजल, दूध, दही, पुष्प, शहद, जौ, तिल आदि से अभिषेक करें साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जाप, स्तोत्र आदि का पाठ करें.
NOTE: चैत्र कृष्ण पक्ष में होने वाले मासिक शिवरात्रि व्रत की ज्यादा जानकारी करने के लिए आप हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री से उनके फोन नंबर 9557125411 और 9997509443 पर संपर्क कर सकते हैं.
Hardwar,Uttarakhand
March 14, 2025, 10:21 IST
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
