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लड्डू-पेड़े नहीं…इस मंदिर में लगता है बांटी-चोखा का भोग, आखिर क्या है अनोखे प्रसाद की कहानी?

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सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या: अयोध्या में मठ और मंदिरों की कोई कमी नहीं है. हर मंदिर की अलग परंपरा, कहानी और प्रसाद है. प्रसाद की बात करें तो आमतौर पर ज्यादातर मंदिरों में लड्डू और पेड़े का प्रसाद दिया जाता है. लेकिन अयोध्या का ही एक मंदिर ऐसा है, जहां बाटी चोखा का प्रसाद दिया जाता है. सरयू तट पर स्थित राजघाट पर एक हनुमान जी का सालों पुराना मंदिर है.

अयोध्या का अनोखा हनुमान मंदिर
इस मंदिर में हर दिन बजरंग बली को बाटी और चोखा का भोग लगाया जाता है. भक्तों को भी प्रसाद के रूप में बाटी और चोखा बांटा जाता है. लगभग 5 सालों से इस मंदिर में यही अनोखी परंपरा चलती आ रही है.

हर मंगलवार होता है विशेष आयोजन
हर मंगलवार इस मंदिर में मंगलवार को विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजन होता है. सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु बाटी चोखा का प्रसाद खाने के लिए एकत्रित होते हैं. शुद्ध सात्विक बाटी को लहसुन और प्याज के बिना बनाया जाता है. मंदिर में मौजूद लोगों का कहना है कि महावीर के भोग लगने के बाद प्रसाद दिव्य हो जाता है.

बाटी बाबा बताते हैं, ‘पहले हम बालू के घाटों पर रहते थे. जो भी भक्त आते थे हम उनको बाटी और चोखा खिलाते थे. समय बीतता गया और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई. प्रत्यक्ष उदाहरण आप के सामने है. इसमें बजरंग बली बाबा का पूर्ण आशीर्वाद है. महावीर जी को भाटी चोखे का भोग लगता है और सभी भक्त लोग प्रसाद के रूप में इसे ग्रहण करते हैं.’

कहां स्थित है यह मंदिर
सरयू तट पर स्थित राजघाट में बजरंग बली का यह मंदिर है. हर दिन यहां बजरंगबली को बाटी चोखे का भोग लगाया जाता है और श्रद्धालुओं को भी यही प्रसाद दिया जाता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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