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अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम और गोलू देवता मंदिर में अब श्रद्धालुओं को तांबे का सिक्का प्रसाद के रूप में मिलेगा. डीएम आलोक कुमार पांडे की इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा.
अल्मोड़ा में बनाए गए तांबे के सिक्के.
हाइलाइट्स
- जागेश्वर धाम और गोलू देवता मंदिर में तांबे का सिक्का प्रसाद मिलेगा.
- इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा.
- 11 ब्लॉक की महिला समूहों को प्रसाद बनाने का कार्य सौंपा जाएगा.
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम और गोलू देवता के मंदिर में अब श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में तांबे का सिक्का मिलेगा. यह सिक्का खास होगा, क्योंकि इसे तांबे से तैयार किया गया है. अल्मोड़ा के डीएम आलोक कुमार पांडे ने इस पहल की शुरुआत की है. इस सिक्के पर चितई गोलू देवता मंदिर और जागेश्वर धाम की आकृति उकेरी जाएगी और श्रद्धालुओं को प्रसाद के तौर पर दिया जाएगा. इस पहल से न केवल तांबे की मांग बढ़ेगी, बल्कि अधिक संख्या में श्रद्धालु भी मंदिरों में आएंगे.
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
Bharat.one से खास बातचीत करते हुए डीएम आलोक कुमार पांडे ने बताया कि उनका उद्देश्य पुराने काम को जीवित रखना और स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार प्रदान करना है. अल्मोड़ा और बागेश्वर ताम्र नगरी के नाम से मशहूर थे, लेकिन समय के साथ इस काम में कमी आई है. उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत जागेश्वर धाम और चितई गोलू देवता प्रसादम योजना बनाई गई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और उनके कौशल को बढ़ावा मिलेगा.
महिला समूहों को मिलेगा रोजगार
डीएम ने बताया कि 11 ब्लॉक की महिला समूहों को प्रसाद बनाने का कार्य सौंपा जाएगा. अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई में तिल और चोलाई के दाने डालकर महिलाएं प्रसाद बनाएंगी. इससे उन्हें रोजगार मिलेगा और मंदिर की आय भी बढ़ेगी. इसके अलावा, श्रद्धालुओं को जागेश्वर धाम और चितई गोलू देवता मंदिर की कहानी पर आधारित पुस्तक भी दी जाएगी.
अगर यह कार्यक्रम सफल रहता है, तो अल्मोड़ा के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में भी इस योजना को लागू किया जाएगा.
