निर्मल कुमार राजपूत /मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में मां वैष्णो देवी का चमत्कार देखने को मिला. यह चमत्कार 1976 में हुआ. मां वैष्णो देवी की तीन पिंडिया आकाश मार्ग से होते हुए पृथ्वी पर आकर विराजमान हो गईं. सैकड़ो भक्तों की भीड़ ने उसे चमत्कार को अपनी आंखों से देखा तो भक्त हैरान हो गए. कहा जाता है कि निसंतान को संतान की प्राप्ति माता के दर्शन मात्र से ही हो जाती है. माता के मंदिर से कोई भी भक्त खाली नहीं लौटा है. जो भी भक्त यहां आया है, उसकी झोली भरकर माता ने उसे भेजा है.
1976 में दिखा था मां वैष्णो देवी का चमत्कार
मथुरा के नरहोली गांव स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर स्थित है. मंदिर के सेवायत पुजारी बाबू लाल गौतम ने Bharat.one से बात करते हुए बताया कि काफी प्राचीन मंदिर मां वैष्णो देवी का है. यहां माता स्वयं पृथ्वी से और तीन माता की पिंडी आकाश मार्ग से धरती पर प्रगट हुईं. उन्होंने कहा कि 1983 से में मंदिर की सेवा कर रहा हूं. मंदिर की प्रतिष्ठा 1983 में हुई थी. उन्होंने बताया कि माता के एकमात्र दर्शन करने से ही सभी मनोकामना पूरी हो जाती हैं.
माथा टेकने के लिए लगती है भीड़
हर दिन मां के दरबार में सैकड़ों लोग माथा टेकने आते हैं. पुजारी ने कहा कि यहां से नि:संतान को संतान की प्राप्ति होती है. माता वैष्णो देवी दु:खी के दु:ख हर लेती हैं. मंदिर के सेवायत का कहना है कि सिंह सवारी पर सवार मां वैष्णो देवी पहले उनका आगमन पृथ्वी मार्ग से प्रकट हुईं. उनके बाद तीन पिंडीयां आकाश मार्ग से धरती पर अवतरित हुईं. 17 फरवरी 1976 में यह चमत्कार हुआ. पंडित जी का कहना है की माता स्वयं कलश लेकर आई थीं.
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सात रविवार दर्शन करने से पूरी होती है मुराद
वैसे तो मां वैष्णो देवी मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए हर दिन आते हैं. लेकिन अगर कोई श्रद्धालु रविवार को माता के दर्शन कर लेता है तो माता उसे मनोवांछित फल देती हैं. मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है की माता वैष्णो देवी के लगातार सात रविवार दर्शन करने से मां निसंतान को संतान देती हैं. प्रत्यक्ष के लिए प्रमाण की जरूरत नहीं होती. एक भक्त ने बताया कि माता के दर्शन करने मात्र से मुझे संतान प्राप्ति हुई. माता ने मेरी गोद भर दी. नवरात्रों में मां वैष्णो देवी की पूजा करने से होती है. संतान की प्राप्ति यहां हजारों भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं.
FIRST PUBLISHED : October 8, 2024, 12:26 IST
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