Last Updated:
Sultanpur News: सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर बंधुआ कला गांव में स्थित पाकड़ का यह वृक्ष बाबा सहजराम आश्रम के मुख्य द्वार के ठीक सामने स्थित है. आश्रम के महंत डॉ. स्वामी दयानंद मुनि Bharat.one से बताते हैं कि जब बाबा सहज राम आश्रम की स्थापना की गई, उसी दरमियान इस पकड़ वृक्ष को भी लगाया गया या पकड़ का वृक्ष लगभग 450 वर्ष की आयु पूरा कर चुका है.
सुल्तानपुर: भारत प्राचीन काल से ही देवी-देवताओं के साथ-साथ प्रकृति की पूजा करता चला रहा है. प्रकृति में नदियों, पहाड़ों, सूर्य, चंद्रमा, वृक्षों की पूजा भारतीय आस्था का पारंपरिक इतिहास मानी जाती रही है. इसी मान्यता को आगे बढ़ाते हुए सुल्तानपुर जिले में आज हम बताने वाले हैं एक ऐसे पाकड़ वृक्ष के बारे में, जिसकी आयु लगभग 450 वर्षों से भी अधिक पुरानी है. यहां पर एक हनुमान जी की प्रतिमा रखी गई थी. कुछ सालों बाद जब उसे हटाने की कोशिश की गई तो प्रतिमा हटी ही नहीं और पाकड़ वृक्ष ने उस प्रतिमा को अपनी शाखा में कैद कर लिया.
इतना पुराना है इतिहास
लोग करते हैं पूजा
बाबा सहज राम आश्रम के मुख्य द्वार पर पकड़ के इस वृक्ष के लोग पूजा करते हैं. मंगलवार के दिन विशेष पूजा का आयोजन होता है. अगर आप भी इस अद्भुत वृक्ष और हनुमान जी का दर्शन करना चाहते हैं तो आपको सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर बंधुआ कला गांव में आना होगा. यहां बाबा सहज राम आश्रम के पूरब दिशा पर स्थित मुख्य द्वार के ठीक सामने पकड़ का यह वृक्ष मौजूद है, जो सुल्तानपुर के ऐतिहासिक धरोहर को संजोकर रखे हुए है.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
