Home Uncategorized bride and groom future romantic talk before marriage legitimate know what islam...

bride and groom future romantic talk before marriage legitimate know what islam said, क्या शादी के पहले रोमांटिक बातें करनी चाहिए? लड़की से चुपके-चुपके मिलना सही या गलत, क्या है नियम

0
0


Last Updated:

Aligarh News: अक्सर देखने को मिलता है कि शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन काफी बातचीत करते हैं, लेकिन ये बातचीत एक नियमित समय और दायरे में होना चाहिए. शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने इस्लामिक नजरिये से अहम जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि निकाह से पहले दुल्हन को देखना और उससे सीमित बातचीत करना किन शर्तों और हदों के साथ जायज है.

अलीगढ़: शादी से पहले होने वाली दुल्हन से बातचीत और दुल्हन को देखने को लेकर मुस्लिम समाज में अक्सर तरह-तरह के सवाल उठते रहते हैं. इन्ही सवालों के जवाब में शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने इस्लामिक नजरिये से अहम जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि निकाह से पहले दुल्हन को देखना और उससे सीमित बातचीत करना किन शर्तों और हदों के साथ जायज है और किन हालात में यह नाजायज के दायरे में आ जाता है.

एक तय हद के दायरे में जायज

मुस्लिम धर्मगुरु और शाही चीफ मुफ्ती ऑफ उत्तर प्रदेश मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने बताया कि इस्लाम में निकाह से पहले दुल्हन का चेहरा देखना और उससे बातचीत करना एक तय हद के दायरे में जायज है. मौलाना साहब के मुताबिक, इसकी इजाजत इसलिए दी गई है, ताकि शादी के बाद किसी तरह की शिकायत, मनमुटाव या गलतफहमी पैदा न हो. इस्लाम चाहता है कि रिश्ता सोच-समझकर और सुकून के साथ कायम किया जाए, इसलिए जिससे निकाह किया जाना है उसे देख लेना और सीमित बातचीत कर लेना जायज है, ताकि यह तय हो सके कि यह रिश्ता आगे चलकर हमेशा के लिए कायम रह सकता है या नहीं है.

इन बातों को करना नाजायज

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत केवल जरूरत और काम की बात तक सीमित होनी चाहिए. निकाह से जुड़ी बातें, पढ़ाई, भविष्य की जिम्मेदारियां या आपसी समझ से संबंधित चर्चा जायज है, लेकिन इससे हटकर गैर-जरूरी, रोमांटिक, शैतानी या अकेले में की जाने वाली बातचीत, चैटिंग या ऐसा कोई भी अमल जिससे गुनाह की तरफ जाने का खतरा हो, इस्लाम में नाजायज है. मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने कहा कि इस्लाम ने शादी से पहले देखने और सीमित बातचीत की इजाजत दी है, लेकिन यह सब शरीअत की ओर तय की गई हदों के भीतर रहकर ही होना चाहिए. इन्हीं उसूलों की पाबंदी में ही निकाह की बरकत और रिश्ते की मजबूती है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Bharat.one से जुड़ गए.

homedharm

क्या शादी के पहले रोमांटिक बातें करनी चाहिए? लड़की से छिपकर मिलना सही या गलत

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version