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Chaitra Amavasya 2025 Date:चैत्र अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और उसके बाद दान देते हैं. चैत्र अमावस्या के दिन अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते हैं, लेकि…और पढ़ें

चैत्र अमावस्या 2025 तारीख.
हाइलाइट्स
- चैत्र अमावस्या चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है.
- अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं.
- यह जानना जरूरी है कि पितरों को खुश करने का समय क्या है?
चैत्र अमावस्या का पर्व हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को होता है. चैत्र अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और उसके बाद दान देते हैं. ऐसा करने से पाप मिटते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. चैत्र अमावस्या के दिन अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते हैं, लेकिन यह जानना जरूरी है कि चैत्र अमावस्या पर पितरों को खुश करने का समय क्या है? तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि चैत्र अमावस्या कब है? चैत्र अमावस्या के स्नान और दान का मुहूर्त क्या है?
चैत्र अमावस्या 2025 तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 28 मार्च दिन शुक्रवार को शाम 7 बजकर 55 मिनट से शुरू हो रही है. यह तिथि अगले दिन 29 मार्च शनिवार को शाम 4 बजकर 27 मिनट तक मान्य रहेगी. उदयातिथि के आधार पर चैत्र अमावस्या 29 मार्च को है. चैत्र अमावस्या का स्नान और दान भी 29 मार्च को होगा.
चैत्र अमावस्या को साल की पहली शनि अमावस्या
29 मार्च को पड़ने वाली चैत्र अमावस्या इस साल की पहली शनि अमावस्या या शनिचरी अमावस्या होगी क्योंकि यह शनिवार के दिन पड़ रही है. जो अमावस्या शनिवार के दिन होती है, उसे शनिचरी अमावस्या या शनि अमावस्या कहते हैं.
चैत्र अमावस्या 2025 स्नान-दान मुहूर्त
चैत्र अमावस्या के दिन स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त को अच्छा माना जाता है. किसी कारणवश आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान नहीं कर पाते हैं तो आप उसके बाद भी कर सकते हैं. चैत्र अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान का समय 04:42 ए एम से 05:28 ए एम तक है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त 12:01 पी एम से 12:51 पी एम तक है.
चैत्र अमावस्या पर पितरों के तर्पण का समय
चैत्र अमावस्या के अवसर पर आप जब स्नान कर लें, उसके बाद ही कुशा की मदद से जल, काले तिल और सफेद फूल पितरों के लिए तर्पण करें. तर्पण करने से पितृ तृप्त होते हैं. अपने वंश के हाथों जल पाकर पितर खुश होते हैं.
चैत्र अमावस्या 2025 पितरों को खुश करने का समय
पितरों को प्रसन्न करने के लिए दान, पिंडदान, श्राद्ध, पंचबलि कर्म, ब्राह्मण भोज आदि करते हैं. पितरों के लिए दान आप स्नान के बाद कर सकते हैं, जबकि अन्य कार्य सुबह में 11:30 बजे से दोपहर 02:30 के बीच कर सकते हैं. पितरों के लिए दीपक प्रदोष काल में या जब सूर्यास्त के बाद अंधेरा होने लगे तो जलाएं. इन कार्यों को करने से पितर प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं.
ब्रह्म योग में है चैत्र अमावस्या 2025
इस बार की चैत्र अमावस्या ब्रह्म योग में है. उस दिन ब्रह्म योग प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 4 मिनट तक है. उसके बाद इंद्र योग है. चैत्र अमावस्या के दिन उत्तर भाद्रपद नक्षत्र सुबह से शाम 07:26 पी एम तक है, उसके बाद रेवती नक्षत्र है.
March 19, 2025, 08:09 IST
चैत्र अमावस्या कब? जानें स्नान-दान तारीख, मुहूर्त, पितरों को खुश करने का समय