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Pitru Paksha: पितरों की नाराजगी बताते हैं ये संकेत, न करें अनदेखा, नहीं तो मचेगी उथल-पुथल

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उज्जैन. सनातन धर्म में पितृपक्ष का बड़ा महत्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से प्रारंभ होता है. आश्विन मास की अमावस्या तिथि पर खत्म हो जाता है. इन 15 दिनों के दौरान लोग पितरों को याद कर उनके निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करते हैं. माना जाता है कि यदि पितृ नाराज हो जाए तो जीवन में उथल-पुथल मचा सकते हैं. खुशहाल जीवन के लिए पितरों का खुश होना जरूरी है. उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज ने बताया कि कुछ संकेत हैं जो पितरों की नाराजगी बताते हैं.

पितृपक्ष में श्राद्ध का महत्व
मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पितरों के लिए सभी प्रकार के अनुष्ठान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इससे जीवन मे परेशानियों का अंत होता है. सुख-समृद्धि बढ़ती है. माना जाता है कि पितृपक्ष में पितर धरती पर आते हैं.

पितर नाराज तो मिलेंगे ये संकेत

1. यदि आप कई दिनों से किसी काम को करने की सोच रहे हैं और लगातार उसमें बाधाएं आ रही हैं या फिर मेहनत के बावजूद काम सफल नहीं हो पा रहा है तो इसका अर्थ है कि पितृ आपसे नाराज हैं.

2. यदि आपके साथ या परिवार में किसी के साथ अक्सर खाना खाते समय भोजन में बार-बार बाल निकलता है, तो इसे नजरअंदाज न करें. हिन्दू मान्यता के अनुसार, यह पूर्वजों के नाराज होने की अहम निशानी है.

3. यदि आपके घर में बिना किसी कारण के काफी लड़ाई-झगड़े और मनमुटाव रहता है और बेवजह घर के सदस्यों के बीच क्लेश होता है तो ये भी पितृ दोष का कारण हो सकता है.

4. तीज-त्योहार या फिर शुभ कार्यों के दौरान किसी न किसी तरह से खलल पड़ना या अशुभ घटनाएं हो जाना भी पितरों की नाराजगी का संकेत हैं. यह इस बात को दर्शाता है कि आपके पितृ असंतुष्ट हैं.

नाराजगी कैसे करें दूर
घर में पितरों की हंसती-मुस्कुराती तस्वीर लगाने से पितर खुश होते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि पितरों की तस्वीर घर की दक्षिण-पश्चिम दीवार या कोने में लगानी चाहिए. इससे पितरों का खास आशीर्वाद मिलता है. पितृपक्ष में श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान जरूर करें. पितरों की तिथि पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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