Home Uncategorized Pitru Paksha 2025 | Pitru Dosh Upay | Today horoscope| Madhya Pradesh...

Pitru Paksha 2025 | Pitru Dosh Upay | Today horoscope| Madhya Pradesh News

0
5


Last Updated:

Pitru Paksha 2025: शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष की शुरुआत 07 सितंबर से होने वाली है. इस दौरान पितृ धरती पर आते हैं. जब किसी व्यक्ति की कुंडली के लग्न भाव और पांचवें भाव में सूर्य मंगल और शनि विराजमान होते हैं. …और पढ़ें

Pitru Paksha 2025 Start Date: हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष विशेष महत्व रखता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से प्रारंभ होता है. आश्विन मास की अमावस्या तिथि पर खत्म हो जाता है. पितृ पक्ष में पितरों को याद कर सम्मान प्रदान किया जाता है. पितृपक्ष में लोग पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. लेकिन बहुत सारे लोगों के मन में यह ख्याल आता है कि यह दोष हमें कैसे लग गया और इसके समाधान के लिए क्या उपाय किए जाएं. आइए जानते हैं उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से पितृदोष पता करने और दूर करने के उपाय.

कुंडली में कैसे बनता है पितृ दोष
हिन्दू धर्म मे ज्योतिष शास्त्र को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. शास्त्रों के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली के लग्न भाव और पांचवें भाव में सूर्य मंगल और शनि विराजमान होते हैं. पितृदोष बनाते हैं. इसके अलावा कुंडली के अष्टम भाव में गुरु और राहु एक साथ आकर बैठते हैं. पितृदोष का निर्माण होता है. जब कुंडली में राहु केंद्र में या त्रिकोण में मौजूद होता है. पितृ दोष बनता है. जब कोई व्यक्ति अपने से बड़ों का अनादर करता है, या फिर उसकी हत्या कर देता है, तो ऐसे व्यक्ति को पितृ दोष लगता है.

क्या होता है पितृदोष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब हमारे पूर्वजों की आत्माएं तृप्त नहीं होती, तो ये आत्माएं पृथ्वी लोक में रहने वाले अपने वंश के लोगों को कष्ट देती हैं. इसी को ज्योतिष शास्त्र में पितृदोष कहा गया है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार मृत्यु लोक पर हमारे पूर्वजों की आत्माएं अपने परिवार के सदस्यों को देखती रहती हैं. जो लोग अपने पूर्वजों का अनादर करते हैं. उन्हें कष्ट देते हैं. इससे दुखी दिवंगत आत्माएं उन्हें श्राप देती हैं. इसी श्राप को पितृ दोष माना जाता है.

पितृ दोष होने पर मिलते हैं ये संकेत
यदि किसी जातक की कुंडली में पितृ दोष हो तो उसे अपनी जीवन में कई कष्ट झेलने पड़ते हैं. पितृ दोष के कारण शादी में भी बाधा आती है. ऐसे में विवाह में देरी होती है. साथ ही पितृ दोष के कारण वंश वृद्धि रुक जाती है. ऐसे में संतान प्राप्ति में बाधा आती है. साथ ही संतान राह भटक जाता है.

कैसे करें पितृ दोष दूर
>पितरों को प्रसन्न करने के लिए पितृपक्ष में पीपल के पेड़ में काला तिल डला हुआ दूध चढ़ाएं.
> साथ ही अक्षत और फूल अर्पित करके पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें.
> पितृपक्ष में रोजाना शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए. इससे भी पितृदोष दूर होता है और आपके जीवन की सभी बाधाएं दूर होने लग जाती हैं.

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homedharm

Pitru Paksha 2025: कुंडली में कैसे लगता है पितृ दोष? क्या हैं लक्षण, जानें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version