Last Updated:
Agra News: आगरा का एक मस्जिद काफी पुराना है और कहा जाता है कि यहां मस्जिद में कई जिन्नात नमाज अदा करते हैं. मुख्य सेवादार ने कहा कि आज से कई वर्षों पूर्व इस मस्जिद में सिर्फ जन्नतों का ही साया था और वही यहां नमाज पढ़ा करते थे.
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा को प्राचीन नगरी कहा जाता है. मुगलों ने कई सालों तक आगरा में राज किया था. आगरा में प्राचीन ईमारत, मंदिर और मस्जिद अलग ही पहचान रखती है. ऐसी ही एक मस्जिद है, जिसे जिन्नातों की मस्जिद कहा जाता है. यहां के मुख्य सेवादार बताते हैं कि आज भी मस्जिद में कई जिन्नात नमाज अदा करते हैं. उन्होंने कहा कि आज से कई वर्षों पूर्व इस मस्जिद में सिर्फ जिन्नातों का ही साया था और वही यहां नमाज पढ़ा करते थे.
यहां पांच दफा नमाज को अदा किया जाता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में इंसानों के अलावा जिन्नात भी यहां आकर खुदा से दुआ मांगते हैं. मुख्य सेवादार बताते हैं कि जिन्नात हर किसी को दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन मस्जिद आज भी जिन्नातों की ही है और उन्ही के नाम पर इस मस्जिद का नाम जिन्नातों की मस्जिद पड़ा है.
800 वर्ष पुरानी यह मस्जिद
जिन्नाती मस्जिद के मुख्य सेवादार अय्यूब शाह मदारी ने बताया कि यह मस्जिद 800 साल पुरानी है. इस मस्जिद का नाम जिन्नाती मस्जिद है. यहां पास में ही प्राचीन अजित शाह मदारी की दरगाह है. बाबा ने कहा कि वर्तमान में भी इस मस्जिद में जिन्नात इबादत करते हैं. यह इतनी प्राचीन मस्जिद है कि पहले यहां सिर्फ जंगल था. उन्होंने कहा कि यहां कई सालों पहले सिर्फ जिन्नतों का ही साया था और वही यहां खुदा से इबादत करते थे.
मस्जिद में इबादत से जिन्नात करते हैं मुराद पूरी
प्राचीन जिन्नात मस्जिद के बाबा ने कहा कि यहां मौजूद जिन्नात सभी मुरादों को खुदा के द्वारा पूरा कराते हैं. उन्होंने कहा कि यह सभी जिन्नात खुदा के बंदे हैं. यहां जिन्नतों के अलावा जिन्नात आज भी खुदा से इबादत करते हैं. बाबा ने कहा कि जिन्नात सिर्फ उन्हें ही महसूस होते हैं. हर कोई उन्हें नहीं देख सकता है. दूर दराज से यहां लोग आते हैं और मस्जिद में इबादत करते हैं.
आज भी कई लोग इस मस्जिद के रहस्य को तलाश करने आते हैं. हालांकि इस जिन्नतों की मस्जिद के बारे में यह दावा है कि यहां के मुख्य सेवादार अय्यूब शाह मदारी ने किया है. यह मस्जिद आगरा के मदिया कटरा चौराहे से पहले मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के पास एक ऊंचे स्थान पर मौजूद है, जो सड़क किनारे से देखी जा सकती है.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Bharat.one से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
