Home Astrology 72 साल बाद सावन में पहला सोमवार का संयोग, श्रावण मास में...

72 साल बाद सावन में पहला सोमवार का संयोग, श्रावण मास में 6 शुभ योगों का निर्माण, भक्तों को मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद

0
19


हाइलाइट्स

महादेव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए मंदिरों में दूर दराज से पहुंच रहे हैं. सावन महाशिव पूजा के लिए सबसे उत्तम महीना माना जाता है.

Sawan Maas 2024 : भगवान शिव का प्रिय महीना और पवित्र श्रावण मास की शुरुआत हो चुकी है. भक्त महादेव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए मंदिरों में दूर दराज से पहुंच रहे हैं. जहां लंबी-लंबी कतारें लगी हुईं हैं. ऐसा ही एक मंदिर है कुरुक्षेत्र का. कुरुक्षेत्र के इस ऐतिहासिक प्राचीन दुख भंजन महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी शास्त्री सुनील कुमार ने बताया कि सावन महाशिव पूजा के लिए सबसे उत्तम महीना माना जाता है. इस माह को  शिवमाह  के नाम से भी जाना जाता है. इस दौरान पूरे विधि विधान से भगवान शिव की पूजा की जाए तो वे अपनी कृपा आपके ऊपर बनाए रखते हैं.

भगवान शिव पर अर्पित करें ये चीजें
श्रावण मास में शिव की लीलाओं को सुनने में भक्ति भाव रखें. साथ ही भोलेनाथ पर फल, फूल, नैवेद्य, पंचामृत, बेल पत्र और गंगाजल अर्पित करें. ऐसा करने से उनकी कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी और भगवान शिव प्रसन्न होंगे.

होती है मोक्ष की प्राप्ति
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. श्रावण माह में शिव का श्रद्धा पूर्वक जल अभिषेक करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं. इसलिए शिव को पूरा श्रावण मास प्रिय है.

72 साल बाद बना दुर्लभ संयोग
इस बार सावन में 72 साल बाद शुभ संयोग बना है. भगवान शिव को समर्पित सावन मास 22 जुलाई से शुरू हो चुका है. इस साल सावन का महीना 22 जुलाई से लेकर 19 अगस्त तक रहने वाला है. श्रावण मास में इस बार पांच सोमवार पड़ रहे हैं. सावन की शुरूआत सोमवार से हुई है.

किन योगों का हो रहा निर्माण
इस पावन महीने में शुक्र आदित्य योग, बुधादित्य योग, नव पंचम योग, गजकेसरी योग, कुबेर योग, शश योग बनेंगे. जो बेहद शुभ माने जाते हैं.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/dharm/sawan-maas-2024-first-monday-coincidence-in-shravan-maas-after-72-years-6-auspicious-yogas-formed-during-pavan-month-8517908.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version