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Haripriya Tulsi: राक्षस कुल में जन्मीं तुलसी आखिर क्यों हैं भगवान विष्णु को प्रिय, जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा


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Haripriya Tulsi: भगवान विष्णु की हर पूजा के भोग में तुलसी दल बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि भगवान विष्णु को तुलसी अतिप्रिय हैं. विष्णु जी को तुलसी प्रिय क्यों हैं इसके पीछे एक पौराणिक कथा है. यह कथा न के…और पढ़ें

राक्षस कुल में जन्मीं तुलसी आखिर क्यों हैं भगवान विष्णु को प्रिय?

तुलसी के पौधे को घर के आंगन में या मंदिर में लगाना चाहिए

हाइलाइट्स

  • तुलसी भगवान विष्णु की प्रिय हैं.
  • वृंदा के त्याग से तुलसी का जन्म हुआ.
  • तुलसी के औषधीय और धार्मिक महत्व हैं.

Haripriya Tulsi: हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बेहद पवित्र माना जाता है. हिंदू धर्म में तुलसी का विशेष स्थान है, जिसे भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती है. तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि भक्ति, त्याग और पवित्रता का प्रतीक है. इसके पीछे एक प्राचीन पौराणिक कथा जुड़ी है, जिसमें जलंधर की पत्नी वृंदा के त्याग और भगवान विष्णु के आशीर्वाद की कहानी छिपी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों विष्णु जी को तुलसी जी इतनी प्रिय हैं? आइए जानते हैं इस पौराणिक कथा के बारे में…

वृंदा का त्याग और तुलसी का जन्म
एक समय की बात है, जब एक राक्षस जलंधर पृथ्वी पर आतंक फैला रहा था. उसकी पत्नी वृंदा एक पतिव्रता स्त्री थी. जलंधर जब युद्ध के लिए जाता था, तो वृंदा उसकी लंबी उम्र के लिए तपस्या किया करती थी. भगवान विष्णु ने जलंधर का वध करने के लिए छल किया. उन्होंने वृंदा को बहला-फुसलाकर जलंधर के बारे में झूठ बोला. वृंदा ने क्रोध में आकर भगवान विष्णु को श्राप दिया. वृंदा के श्राप से भगवान विष्णु शालिग्राम शिला के रूप में परिवर्तित हो गए. वृंदा ने भी प्राण त्याग दिए. वृंदा के शरीर से एक पौधा उगा, जिसे तुलसी का नाम दिया गया.

तुलसी और भगवान विष्णु का मिलन
भगवान विष्णु ने वृंदा को समझाया कि उन्होंने यह सब जलंधर का वध करने के लिए किया था. उन्होंने वृंदा को वरदान दिया कि वह तुलसी के रूप में उनके साथ हमेशा रहेंगी. तभी से तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाने लगा. तुलसी को हरिप्रिया भी कहा जाता है.

तुलसी का महत्व
तुलसी का पौधा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि इसके औषधीय गुण भी हैं. तुलसी के पत्ते कई बीमारियों में मददगार साबित होते हैं.

धार्मिक महत्व: तुलसी को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

औषधीय गुण: तुलसी के पत्ते सर्दी, खांसी, बुखार आदि में लाभदायक होते हैं.

पर्यावरणीय महत्व: तुलसी का पौधा पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होता है.

तुलसी और भगवान विष्णु की कथा हमें त्याग, भक्ति और प्रेम का संदेश देती है. तुलसी का पौधा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण है.

तुलसी से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • तुलसी की पूजा करने से मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
  • तुलसी के पत्ते को भगवान विष्णु को चढ़ाना शुभ माना जाता है.
  • तुलसी के पौधे को घर के आंगन में या मंदिर में लगाना चाहिए.
  • यह कथा हमें बताती है कि भगवान विष्णु को तुलसी जी इतनी इसलिए प्रिय हैं क्योंकि उन्होंने त्याग और भक्ति का परम उदाहरण प्रस्तुत किया था.
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राक्षस कुल में जन्मीं तुलसी आखिर क्यों हैं भगवान विष्णु को प्रिय?

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