Shivling Par Elaichi Chadhane Ke Fayde In Hindi : भगवान शिव की पूजा में बेल के पत्ते, धतूरे और जल का महत्व तो सब जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटी सी हरी इलायची आपकी ज़िंदगी की बड़ी समस्याओं को हल कर सकती है? शिव पुराण और वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शिवलिंग पर इलायची चढ़ाना सिर्फ़ भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि एक शक्तिशाली उपाय भी है. शिवलिंग पर इलायची चढ़ाने के मुख्य फ़ायदे और इसे कैसे करना है…
सुख-समृद्धि और शुक्र ग्रह की मजबूती-
इलायची का संबंध शुक्र ग्रह (Venus) से माना जाता है, जो ऐश्वर्य, विलासिता और प्रेम का कारक है. जब आप शिवलिंग पर इलायची अर्पित करते हैं, तो आपकी कुंडली में शुक्र मजबूत होता है. इससे घर में सुख-साधन बढ़ते हैं और दरिद्रता का नाश होता है. अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो यह उपाय आपके लिए वरदान साबित हो सकता है.
वैवाहिक जीवन और प्रेम में सफलता-
यदि पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है या विवाह में बाधाएं आ रही हैं, तो सोमवार के दिन शिवलिंग पर दो इलायची और थोड़ा सा शहद अर्पित करें. माना जाता है कि इलायची की सुगंध रिश्तों में कड़वाहट को खत्म कर मिठास घोलती है। 2026 में शुक्र के विशेष गोचर के दौरान यह उपाय करना और भी अधिक प्रभावी माना जा रहा है.
एकाग्रता और वाणी में सुधार-
इलायची बुद्धि और वाणी को भी प्रभावित करती है. जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं या जिन्हें बोलने में हिचकिचाहट (Stammering) होती है, उन्हें जल में इलायची डालकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. इससे बुध और शुक्र दोनों का शुभ प्रभाव मिलता है, जिससे आत्मविश्वास और याददाश्त बढ़ती है.
कार्यों में आने वाली बाधाओं का अंत-
अक्सर कड़ी मेहनत के बाद भी काम अंतिम समय पर अटक जाते हैं. ऐसे में ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर इलायची चढ़ाएं और फिर उसे प्रसाद स्वरूप अपने पास रखें.यह आपके मार्ग में आने वाले अज्ञात बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों को दूर करने में मदद करता है.
स्वास्थ्य लाभ और मानसिक शांति-
आयुर्वेद और अध्यात्म दोनों में इलायची को ‘शीतलता’ प्रदान करने वाला माना गया है. शिवलिंग पर इसे चढ़ाने से मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति के स्वभाव में सौम्यता आती है.
पूजा की सही विधि:
शुद्धता: सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल या पंचामृत चढ़ाएं.
अर्पण: अब दो साबुत हरी इलायची (खंडित न हो) महादेव को अर्पित करें.
मंत्र: अर्पण करते समय “मंदाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम्” या साधारण “ओम नमः शिवाय” का जाप करें.
Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.
