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क्या धनिया क्या पुदीना, कभी खाई है पाताल की चटनी, आग-राख से आता ऐसा स्वाद चिकन मटन कर देंगे साइड – Chhattisgarh News

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पाताल की चटनी की रेसिपी: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ठंड का मौसम आते ही एक देसी स्वाद हर घर और हर थाली में अपनी खास जगह बना लेता है. नाम है पाताल की चटनी. यह कोई आम चटनी नहीं, बल्कि सरगुजा की पारंपरिक पहचान है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखती है. जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, वैसे-वैसे इस चटनी की मांग भी बढ़ जाती है. आदिवासी समाज में तो सर्दियों के भोजन में पाताल की चटनी को खास तौर पर परोसा जाता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह चटनी शरीर को अंदर से गर्म रखती है और सर्द हवाओं से बचाव में मदद करती है.

पाताल की चटनी का देसी सफर
स्थानीय जानकार सिकंदर प्रजापति बताते हैं कि पाताल की चटनी की शुरुआत सीधे बाड़ी (सब्जी के बगीचे) से होती है. सबसे पहले ताज़े, पके हुए टमाटर तोड़े जाते हैं. इसके बाद इन टमाटरों को सीधे जलती हुई आग में डाल दिया जाता है.

आग में पकने से टमाटरों की ऊपरी परत अच्छी तरह भुन जाती है, जिससे उनमें एक अलग ही खुशबू और धुएं का देसी स्वाद आ जाता है. यही स्वाद इस चटनी को खास बनाता है.

राख के नीचे पकाने की अनोखी तकनीक
कई जगहों पर टमाटरों को सीधे आग में नहीं, बल्कि गोरसी की राख के नीचे दबाकर पकाया जाता है. नीचे जलती लकड़ियों की गर्मी से टमाटर धीरे-धीरे अंदर तक पक जाते हैं. जब टमाटर पूरी तरह नरम हो जाते हैं, तो उन्हें बाहर निकालकर पानी से धोया जाता है और ठंडा किया जाता है.

सिलबट्टे की पिसाई तभी आता है असली स्वाद
ठंडा होने के बाद टमाटरों को सिलबट्टे में पीसा जाता है. इसमें धनिया पत्ता, अदरक और हरी मिर्च मिलाई जाती है. मशीन नहीं, हाथों से की गई यह पिसाई ही पाताल की चटनी को उसका असली देसी स्वाद देती है. गाढ़ी ग्रेवी जैसी यह चटनी गांवों में बस “चटनी” कहकर ही जानी जाती है.

ठंड में क्यों है पाताल की चटनी खास?
सिकंदर प्रजापति बताते हैं कि आग में पके टमाटर और मसालों की तासीर गर्म होती है. सर्दियों में इसका सेवन करने से शरीर में गर्माहट बनी रहती है. यही वजह है कि ठंड के मौसम में पाताल की चटनी सरगुजा की थाली की शान बन जाती है.

स्वाद ऐसा कि एक बार खाया तो फैन हो जाएंगे
आग और राख में पके टमाटरों का स्वाद इतना खास होता है कि जो भी इसे खाता है, वह दोबारा जरूर मांगता है. यही कारण है कि सर्दियों में यह चटनी हर घर में बनती है और पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी लोग पूरे गर्व के साथ निभा रहे हैं.


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-surguja-patal-ki-chutney-winter-special-tribal-food-chhattisgarh-desi-food-local18-9966927.html

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