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Top 5 Food Places: उत्तराखंड का खूबसूरत पहाड़ी शहर नैनीताल अपनी मनमोहक झीलों और प्राकृतिक नजारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन यहां की यात्रा सिर्फ झील किनारे घूमने तक सीमित नहीं है. असली मज़ा तब आता है जब आप नैनीताल के स्थानीय व्यंजनों और खास पकवानों का स्वाद लेते हैं. यहां का हर जायका आपको उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा से जोड़ देता है.
नैनीताल की ट्रिप बाल मिठाई और सिंहौड़ी के बिना अधूरी मानी जाती है. खोया और दूध से बनी बाल मिठाई अपनी अनोखी मिठास और ऊपर सजे छोटे-छोटे चीनी के दानों की वजह से खास है. वहीं, सिंहौड़ी भी उतनी ही प्रसिद्ध है, जिसे खास मौके पर लोग बड़े चाव से खाते हैं. ये मिठाइयां सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि पहाड़ी परंपरा और संस्कृति की भी झलक दिखाती हैं. कुमाऊं में खासतौर से बनाई जाने वाली ये लज़ीज़ मिठाई का स्वाद आप नैनीताल की प्रसिद्ध मामू स्वीट्स में ले सकते हैं. नैनीताल के स्थानीय निवासियों के साथ ही यहां आने वाले सैलानी इसका स्वाद लेते हैं और अपने साथ अपने घर भी ले जाते हैं.
नैनीताल में झील के किनारे और माल रोड में आपको अक्सर पहाड़ी भुट्टे बेचने वाले ठेले हर जगह मिलेंगे. लकड़ी और कोयले की आंच पर सेंके गए इन पहाड़ी भुट्टों का स्वाद तब और बढ़ जाता है जब उन पर नमक, नींबू और लाल मिर्च छिड़की जाती है. साथ ही, स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से मक्खन लगाया जाता है. पहाड़ी अंदाज़ में तैयार यह भुट्टा ठंडी हवाओं और झील किनारे घूमते वक्त सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. चाहे मॉल रोड हो या ठंडी सड़क, भुट्टे का स्वाद हर जगह आपके सफर को और यादगार बना देता है. पर्यटक इन्हें खाते-खाते न सिर्फ स्वाद का मज़ा लेते हैं बल्कि पहाड़ी जीवन का अहसास भी करते हैं.
नैनीताल के मोमोज सालों से सैलानियों और स्थानीय लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. यहां आपको स्टीम्ड, फ्राइड, वेज और नॉनवेज सभी तरह के मोमोज मिलते हैं. सड़क किनारे छोटे ठेलों से लेकर बड़े रेस्तरां तक हर जगह इनका स्वाद लिया जा सकता है. खासतौर पर सर्दियों में गर्मागर्म मोमोज और तीखी चटनी खाने का मज़ा कुछ और ही होता है. तिब्बती संस्कृति से जुड़ा यह व्यंजन अब नैनीताल की पहचान बन चुका है. वहीं, नैनीताल के सोनम मोमोज काफी प्रसिद्ध हैं और इन्हें ही नैनीताल में मोमो की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है. आज भी पर्यटक सोनम के मोमोज को ढूंढते नजर आते हैं और यहां के मोमोज का स्वाद लेकर अपनी नैनीताल ट्रिप को और भी यादगार बनाते हैं.
नैनीताल आने पर यहां की पारंपरिक पहाड़ी थाली का स्वाद जरूर लेना चाहिए. इसमें आलू के गुटके, झंगोरे की खीर, भट्ट की दाल, डुबके और कई स्थानीय व्यंजन शामिल होते हैं. नैनीताल के प्रसिद्ध अनुपम रेस्टोरेंट, मोती महल रेस्टोरेंट और शिवा जैसे रेस्तरां इस थाली को खास तौर पर परोसते हैं. यह थाली उत्तराखंड की खानपान संस्कृति को करीब से जानने का अवसर देती है. सैलानी इस थाली को खाने के बाद सिर्फ पेट भरने से ज्यादा, कुमाऊं के स्वाद का एक अनोखा अनुभव लेकर लौटते हैं. यही वजह है कि पहाड़ी थाली हर उस पर्यटक की पसंद बन जाती है जो असली कुमाऊंनी स्वाद की तलाश में नैनीताल आता है.
नॉनवेज के शौकीनों के लिए नैनीताल में भी ढेरों विकल्प मौजूद हैं. दिल्ली दरबार, दिल्ली डीलक्स और अपनी रसोई जैसे रेस्तरां स्थानीय और उत्तर भारतीय अंदाज़ में बने नॉनवेज व्यंजन परोसते हैं. यहां मिलने वाले बटर चिकन, मटन करी और तंदूरी व्यंजन खासतौर पर लोकप्रिय हैं. सैलानी अक्सर इन रेस्तरां में जाकर परिवार और दोस्तों के साथ नॉनवेज व्यंजनों का मज़ा लेते हैं. झील किनारे का नज़ारा और यहां का स्वाद मिलकर खाने के अनुभव को और खास बना देते हैं। इसलिए कहा जा सकता है कि नैनीताल में नॉनवेज प्रेमियों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है.
नैनीताल के बाजारों में स्थित मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट में दही-जलेबी की खुशबू खींच लाएगी. गरमा-गरम जलेबी के साथ ठंडी दही का मेल यहां का एक अलग ही स्वाद पेश करता है. इसके अलावा, दूध-जलेबी भी यहां के रेस्तरां में खास तौर पर परोसी जाती है. आगरा स्वीट्स, सरस्वती स्वीट्स और मामू स्वीट्स जैसी दुकानों पर पारंपरिक कुमाऊंनी मिठाइयां आसानी से मिल जाती हैं. चाहे बाल मिठाई हो, सिंघौड़ी हो या अन्य मिठाइयां, ये सभी पर्यटकों के लिए तोहफे की तरह हैं. यही वजह है कि यहां आने वाले सैलानी मीठे के इस खजाने को जरूर चखते हैं और अपने सफर को मीठी यादों से भर देते हैं.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-bal-mithai-singhaudi-momos-attract-tourists-with-their-taste-know-top-5-street-food-places-best-resturants-check-list-local18-ws-kl-9608436.html
