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दांतों में ठंडा-गर्म लगना कौन सी बीमारी? किस वजह से होती है यह समस्या, डेंटिस्ट से जानें सही ट्रीटमेंट



All About Tooth Sensitivity: कई लोग ठंडी या गर्म चीजों को खाने से बचते हैं, क्योंकि जब भी वे इन चीजों को खाने की कोशिश करते हैं, तब उनके दांतों में दर्द और झनझनाहट महसूस होने लगती है. बोलचाल की भाषा में इसे ठंडा-गर्म लगने की परेशानी कहा जाता है. बड़ी संख्या में लोग दांतों की इस समस्या से परेशान नजर आते हैं. कई लोगों को यह छोटी सी दिक्कत लगती है, लेकिन अगर लंबे समय तक यह परेशानी रहे, तो गंभीर बन सकती है. ऐसे में अगर आपको ठंडी-गर्म चीजें खाने में परेशानी महसूस हो रही है, तो इस परेशानी के बारे में कुछ बातें जरूर जान लेनी चाहिए. आज आपको बताएंगे कि दांतों की यह परेशानी क्या है और इसकी क्या वजह होती हैं. साथ ही यह भी बताएंगे कि इस समस्या से कैसे छुटकारा मिल सकता है.

नई दिल्ली के मयूर विहार स्थित ब्रेसेस एंड फेसेस मल्टीस्पेशलिटी डेंटल क्लीनिक की डेंटिस्ट डॉ. सांत्वना पयासी ने Bharat.one को बताया कि दांतों में ठंडा-गर्म लगने की समस्या को टूथ सेंसिटिविटी कहा जाता है. इस परेशानी में लोगों को ठंडा-गर्म और खट्टा-मीठा खाने में दांतों में अचानक तेज दर्द या झनझनाहट महसूस होती है. यह समस्या तब होती है, जब दांतों की सबसे ऊपरी परत इनेमल घिस जाती है और इसके नीचे की परत डेंटिन एक्सपोज हो जाती है. डेंटिन में छोटे-छोटे ट्यूब्स होते हैं, जो सीधे दांतों की नसों से जुड़े होते हैं. ये ट्यूब्स ठंडा-गर्म सेंसेशन को नर्व में पहुंचा देते हैं और सेंसिटिविटी की समस्या होने लगती है. कई बार तो यह समस्या इतना ज्यादा बढ़ जाती है कि लोग नॉर्मल चीजें भी खाने-पीने में परेशानी महसूस करते हैं.

डॉक्टर सांत्वना ने बताया कि टूथ सेंसिटिविटी के कई कारण हो सकते हैं. सबसे सामान्य कारण है बहुत ज़ोर से ब्रश करना. कई लोग ब्रश को ताकत से रगड़ते हैं, जिससे उनके दांतों की सबसे ऊपरी परत इनेमल कमजोर हो जाती है. इससे डेंटिन एक्सपोज हो जाती है और सेंसिटिविटी की समस्या पैदा हो जाती है. इसके अलावा दांतों में चोट लगना, दांतों का टूटना, मसूड़ों का नीचे होना या मसूड़ों की बीमारियां भी टूथ सेंसिटिविटी का कारण बन सकती है. इसके अलावा एसिडिक माउथ वॉश का इस्तेमाल, ब्लीचिंग और गर्म-ठंडे फूड्स का ज्यादा सेवन करने से भी दांतों में सेंसिटिविटी की समस्या हो सकती है. आमतौर पर लोग टूथ सेंसिटिविटी को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है.

अब सवाल है कि टूथ सेंसिटिविटी का ट्रीटमेंट क्या होता है? इस पर डेंटिस्ट ने बताया कि टूथ सेंसिटिविटी का इलाज करने के लिए सबसे पहले इसका सटीक कारण जानना जरूरी है. अगर किसी को सेंसिटिविटी हल्की है, तो सेंसिटिविटी-फ्री टूथपेस्ट का उपयोग किया जा सकता है. यह टूथपेस्ट विशेष रूप से डेंटिन को कवर करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है और दर्द को कम करने में मदद करता है. इस टूथपेस्ट को उस जगह पर लगाकर एक-दो मिनट तक छोड़ने के बाद धीरे-धीरे ब्रश करें. इससे सेंसिटिविटी से राहत मिलने लगती है. इसके अलावा फ्लोराइड जैल भी दांतों के इनेमल को मजबूत करने और डेंटिन को कवर करने में सहायक होता है. अगर समस्या गंभीर हो, तो डेंटिस्ट फिलिंग या सीलेंट्स की सलाह दे सकते हैं.

एक्सपर्ट ने बताया कि कभी-कभी यदि सेंसिटिविटी के कारण नसों में इन्फेक्शन या सूजन हो जाती है, तो रूट कैनाल ट्रीटमेंट (RCT) की जरूरत भी पड़ सकती है, जिसमें दांतों की नस को पूरी तरह से निकालकर बंद किया जाता है. टूथ सेंसिटिविटी से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. सबसे पहले सॉफ्ट-ब्रिसल टूथब्रश का इस्तेमाल करें और हल्के हाथ से ब्रश करें, ताकि दांतों का इनेमल न घिसे. इसके अलावा एसिडिक फूड्स और एसिडिक माउथ वॉश से बचें, क्योंकि ये दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. नियमित रूप से दांतों की सफाई के साथ-साथ मसूड़ों की देखभाल भी जरूरी है. अगर किसी तरह की दांतों में दिक्कत हो, तो डेंटिस्ट से मिलकर जांच कराएं.

यह भी पढ़ें- इस देश ने स्कूलों में बैन की एनर्जी ड्रिंक्स ! सेहत के लिए कितनी खतरनाक ये चीजें, एक्सपर्ट से जानें हकीकत


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-tooth-sensitivity-causes-symptoms-and-effective-treatments-dentist-explains-ways-to-avoid-problems-8891978.html

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