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yurvedic Tips for Sugar Sleep and Hormones: रसोई में मौजूद मसालों का पानी पीकर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जा सकता है. चक्र फूल नींद के लिए, दालचीनी शुगर कंट्रोल के लिए, लौंग गले के दर्द के लिए, इलायची पाचन के लिए और धनिया का पानी हार्मोनल संतुलन के लिए अत्यंत लाभकारी है. ये प्राकृतिक उपाय बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाते हैं.
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर छोटी परेशानी के लिए दवा लेना आम बात हो गई है. नींद न आना, पेट भारी लगना, गला दुखना, शुगर का बढ़ना या हार्मोन का असंतुलन इन सब समस्याओं से लगभग हर दूसरा व्यक्ति जूझ रहा है. लेकिन अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि हमारे घर की रसोई में ही ऐसे कई प्राकृतिक उपाय मौजूद हैं, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर को राहत दे सकते हैं. पुराने समय से ही भारतीय परंपरा में मसालों और जड़ी-बूटियों का उपयोग सेहत को संतुलित रखने के लिए किया जाता रहा है. चक्र फूल, दालचीनी, लौंग, इलायची और धनिया जैसी चीज़ें आमतौर पर खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन जब इन्हें पानी के रूप में सही तरीके से लिया जाए, तो ये शरीर के अंदर गहराई से असर करती हैं. ये न केवल शरीर को आराम देती हैं, बल्कि धीरे-धीरे उसके सिस्टम को ठीक करने में भी मदद करती हैं.
चक्र फूल का पानी: आज के समय में नींद न आना एक आम समस्या बन चुकी है. तनाव, मोबाइल का ज़्यादा इस्तेमाल और लगातार सोचते रहने की आदत दिमाग को शांत नहीं होने देती. ऐसे में चक्र फूल का पानी बहुत फायदेमंद माना जाता है. चक्र फूल शरीर और मन दोनों को रिलेक्स करता है और नसों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. इसका हल्का गर्म पानी पीने से दिमाग की बेचैनी कम होती है और शरीर धीरे-धीरे आराम की अवस्था में चला जाता है, जिससे नींद आने में मदद मिलती है. नियमित रूप से सोने से पहले चक्र फूल का पानी पीने से नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. यह गहरी और सुकून भरी नींद लाने में सहायक होता है, जिससे सुबह उठने पर थकान महसूस नहीं होती है.
दालचीनी का पानी: आयुर्वेद के अनुसार दालचीनी का पानी खासतौर पर उन लोगों के लिए लाभदायक माना जाता है, जिनका ब्लड शुगर लेवल असंतुलित रहता है. दालचीनी शरीर में इंसुलिन को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है, जिससे शुगर को कंट्रोल करने में सहयोग मिलता है. इसका नियमित सेवन शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रिया को भी मजबूत करता है. सुबह खाली पेट या दिन में किसी भी समय हल्का दालचीनी का पानी पीने से शरीर को अंदर से ऊर्जा मिलती है और शुगर के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है.
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लौंग का पानी: मौसम बदलने पर या ठंडी चीज़ें खाने से अक्सर गले में दर्द, जलन या खराश की समस्या हो जाती है. ऐसे समय में लौंग का पानी बहुत असरदार साबित होता है. लौंग में मौजूद प्राकृतिक गुण गले की सूजन को कम करने और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं. इसका पानी पीने से गले को तुरंत आराम मिलता है. गुनगुना लौंग का पानी आवाज़ बैठने, खांसी या गले की जलन जैसी समस्याओं में भी लाभदायक होता है. यह गले को अंदर से साफ करता है और धीरे-धीरे दर्द को कम करता है, जिससे बोलने और निगलने में होने वाली परेशानी दूर होती है.
इलायची का पानी: खाना खाने के बाद पेट फुला-फुला या भारी लगना एक आम समस्या है. गलत खान-पान और अनियमित दिनचर्या इसके मुख्य कारण होते हैं. ऐसे में इलायची का पानी पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इलायची पाचन क्रिया को तेज करती है और पेट में जमी गैस को बाहर निकालने में मदद करती है. इलायची का पानी पीने से पेट तुरंत हल्का महसूस होता है और शरीर में शांति का अनुभव होता है. यह न केवल पाचन सुधारता है, बल्कि मुंह की दुर्गंध और एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी राहत देता है.
धनिया का पानी: धनिया का पानी शरीर के हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है. खासतौर पर थायराइड से जुड़ी समस्याओं में इसे लाभदायक माना जाता है. धनिया का पानी शरीर के अंदरूनी सिस्टम को संतुलित करता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है. नियमित रूप से धनिया का पानी पीने से शरीर की कार्यप्रणाली सुधरती है और हार्मोन से जुड़ी गड़बड़ियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. यह शरीर को डिटॉक्स करने के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर दिशा में ले जाने का काम करता है.
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