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Tooth Loss in Old Age: उम्र बढ़ने के साथ अधिकतर लोगों के दांत कमजोर होने लगते हैं. कई लोगों के दांत 60-65 की उम्र में उखड़ जाते हैं और उन्हें आर्टिफिशियल दांत लगवाने पड़ते हैं. डॉक्टर की मानें तो दांत गिरने की वजह सफाई की कमी और कुछ बीमारियां होती हैं. अगर आप प्रॉपर केयर करें, तो आपके दांत बुढ़ापे में भी मजबूत रह सकते हैं.
बुढ़ापे में दांत गिरने की सबसे बड़ी वजह मसूड़ों की बीमारी है.
Why Do Teeth Fall Out in Old Age: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं. 40-45 की उम्र के बाद लोगों की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और दांतों पर भी इसका असर दिखता है. अक्सर देखा जाता है कि 60-65 की उम्र के बाद अधिकतर लोगों के दांत हिलने लगते हैं या उखड़ जाते हैं. लोग इसे उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि डॉक्टर्स की मानें तो दांत गिरना उम्र का असर नहीं है, बल्कि इसकी वजह कुछ बीमारियां होती हैं. अगर दांतों की सही देखभाल और समय पर इलाज कराया जाए, तो दांतों को 100 साल तक भी मजबूत रखा जा सकता है.
दिल्ली के पीतमपुरा स्थित गुलाटी डेंटल एंड एस्थेटिक क्लीनिक के डेंटिस्ट डॉ. वैभव गुलाटी ने Bharat.one को बताया कि बुढ़ापे में दांतों के उखड़ने की सबसे बड़ी वजह मसूड़ों की बीमारी होती है, जिसे पीरियोडोंटल डिजीज कहा जाता है. इस स्थिति में मसूड़े कमजोर होकर दांतों से अलग होने लगते हैं और दांत ढीले पड़ जाते हैं. लंबे समय तक दांतों पर जमा प्लाक और टार्टर मसूड़ों में सूजन और इंफेक्शन पैदा करता है, जिससे जबड़े की हड्डी भी कमजोर हो जाती है. अगर समय रहते इसका इलाज न कराया जाए, तो दांत गिर जाते हैं. अक्सर लोगों के साथ ऐसा होता है, लेकिन वे इसे उम्र का असर मानकर इग्नोर कर देते हैं.
सफाई न करने से भी कमजोर होते हैं दांत
डेंटिस्ट ने बताया कि दांतों की सही तरीके से सफाई न करना, दिन में दो बार ब्रश न करना और फ्लॉस का इस्तेमाल न करने से भी दांतों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है. इसके अलावा तंबाकू, सिगरेट और अत्यधिक शराब का सेवन मसूड़ों की बीमारी को गंभीर बना देता है. ज्यादा मीठे और खट्टे फूड्स भी दांतों के इनेमल को कमजोर करते हैं, जिससे दांत जल्दी कमजोर होने लगते हैं. अगर आपकी उम्र 40-50 से ज्यादा है, तो दांतों की ज्यादा केयर करें. कोई भी दिक्कत होने पर डेंटिस्ट से मिलें.
बुढ़ापे में भी दांतों को मजबूत रखने के तरीके
डॉक्टर गुलाटी के मुताबिक दांतों को ताउम्र मजबूत रखने के लिए सभी लोगों को रोज दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करना चाहिए. नियमित रूप से फ्लॉस करने से दांतों के बीच फंसे खाने के कण निकल जाते हैं और बैक्टीरिया पनपने से रुकते हैं. माउथवॉश का इस्तेमाल भी मुंह में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा हर 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट के पास जाकर जांच कराना जरूरी है. इससे दांतों और मसूड़ों की समस्याओं का शुरुआती स्तर पर ही पता चल जाता है. समय-समय पर क्लीनिंग से मसूड़ों की सूजन कम होती है और दांतों की पकड़ मजबूत बनी रहती है.
खान-पान को सुधारना भी बेहद जरूरी
एक्सपर्ट की मानें तो बढ़ती उम्र में दांतों को मजबूत रखने के लिए अच्छा खानपान भी बेहद जरूरी होता है. डाइट में कैल्शियम से भरपूर चीजें जैसे दूध, दही और हरी सब्जियां शामिल करें. ये चीजें दांतों और हड्डियों को मजबूती देती हैं. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मुंह में लार बनी रहती है, जो दांतों को प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है. सही रुटीन, बैलेंस्ड डाइट और नियमित जांच से दांतों को बुढ़ापे तक स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है.
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अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-why-teeth-become-loose-with-age-and-how-to-keep-them-strong-for-life-doctor-gulati-reveals-10151005.html
