हालांकि, अब महिलाओं को इन समस्याओं से जल्द ही निजात मिल सकेगी. इसके लिए बस कोहनी के पास एक छोटी सी स्टिक को इंप्लांट करा लीजिए. इसके बाद 3 साल तक अनचाहा गर्भ नहीं ठहरेगा. अब सवाल है कि आखिर ये गर्भनिरोधक इंप्लांट क्या है? कितनी बड़ी होती है यह स्टिक, इसको लगाने का तरीका क्या है? इंप्लांट स्टिक कैसे करेगी काम करेगी? इस बारे में Bharat.one को बता रही हैं नोएडा की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक-
डॉक्टर बताती हैं सब डर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट रबर के समान एक छोटी सी चिप होती है. ये रॉड प्लास्टिक की होती है. इसको महिला की स्किन के अंदर फिट किया जाता है. इसके लिए एक बहुत ही माइनर सर्जिक की जरूरत होती है. इसके बाद यह 3 साल तक इफेक्टिव रहेगा. इस रॉड में इस प्रोजेस्टेरोन हार्मोन (पीरियड को कंट्रोल करने वाला) होता है. ये हार्मोन धीरे-धीरे शरीर में निकलता है, जिससे एग्स रिलीज नहीं होते हैं और प्रेग्नेंसी से बचाव होता है. दूसरी बात, सर्वाइकस म्यूकस ठीक हो जाता है.

डॉ. मीरा पाठक, सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट, नोएडा
सब डर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट 4 सेंटीमीटर लंबा और 2 मिलीमीटर चौड़ा होता है. इसको महिला की बांह में स्पेशल एप्लीकेटर के जरिए कोहनी से थोड़ा ऊपर स्किन के नीचे फिट किया जाता है. अगर महिला राइट हैंडेड है तो स्टिक उलटी बांह में लगेगी और लेफ्ट हैंडेड महिलाओं में यह सीधे बाजू में लगती है. इसके लगाने के बाद को कोई टांका नहीं आता है. ये स्टिक बाहर से दिखता भी नहीं है, लेकिन एहसास जरूर किया जा सकता है.
जी बिलकुल, सब डर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव को जब चाहो तब निकलवाया जा सकता है. इससे महिला के गर्भ धारण करने की क्षमता (फर्टिलिटी) पर भी कोई बुरा असर नहीं पड़ता है. इस इंप्लांट को लगाने के दौरान महिला को न तो बेहोश करने की जरूरत होती है और न ही ऑपरेशन थिएटर. महज 5 मिनट की ये प्रक्रिया पूरी तरह से पेनलेस है.
सब डर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट करने के बाद तीन साल तक 99.9 फीसदी प्रेग्नेंसी के चांस नहीं होते हैं. इसमें खास तरह की दवाई होती है. इस स्टिक में 68 मिलीग्राम इटोनोजेस्ट्रल सॉल्ट (Etonogestrel) होता है. ये धीरे-धीरे ब्लड में घुलता रहता है.
बीमार महिलाओं में नहीं किया जाता इंप्लांट
गर्भनिरोधक कब इंप्लांट करवाया जा सकता है?
सब डर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट के साइड इफेक्ट
डॉक्टर के मुताबिक, इसे इंप्लांट करवाने के बाद महिलाओं में कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं. बता दें कि, इंप्लांट के शुरुआती 4 महीने पीरियड अनियमित हो सकते हैं. कुछ महिलाओं के पीरियड्स बंद भी हो सकते हैं. वहीं, कुछ महिलाओं का 1-2 किलो वजन भी बढ़ सकता है.
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/women-special-neither-contraceptive-pills-no-condoms-use-implant-stick-near-underarms-no-pregnancy-effective-for-3-years-ws-kln-9563950.html