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हल्दी को हम अक्सर मसाले के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके पत्ते आयुर्वेद में किसी औषधि से कम नहीं माने जाते. हल्दी के पत्तों में मौजूद औषधीय तत्व पाचन को दुरुस्त रखने से लेकर शरीर को एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा देने तक कई बीमारियों में रामबाण साबित होते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, ये पत्ते इम्यूनिटी बढ़ाने, सूजन कम करने और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
हल्दी के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. जो पाचन में सुधार, प्रतिरक्षा बढ़ाने, सूजन कम करने और त्वचा की समस्याओं में राहत देने के लिए बेहतरीन हैं. इनमें करक्यूमिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. यह जोड़ों के दर्द, सर्दी-खांसी और घाव को जल्दी ठीक करने में सहायक होते हैं.
डॉक्टर गीतिका शर्मा ने बताया कि हल्दी के पत्तों और हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक सक्रिय यौगिक में शक्तिशाली सूजन-रोधी और दर्द निवारक गुण होते हैं. ये जोड़ों के दर्द, सूजन, गठिया और मांसपेशियों की अकड़न को कम करने में मदद करते हैं. यह प्राकृतिक दर्द निवारक दवाओं की तरह काम करता है और पुरानी बीमारियों से जुड़ी सूजन को शांत करता है.
इस औषधि का पाउडर ही नहीं बल्कि हल्दी के पत्ते अपने सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण पाचन में सुधार करने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. ये पत्ते गैस, अपच, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करते हैं. पाचन अग्नि को बढ़ाते हैं और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं. इन्हें चाय या भोजन में शामिल किया जा सकता है.
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हल्दी के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इन्हें चाय, काढ़े या भोजन में शामिल करने से कब्ज, गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत मिलती है और चयापचय बेहतर होता है. ये पत्ते पाचन क्रिया को मजबूत करते हैं. आंतों की सूजन कम करते हैं और शरीर को डिटॉक्स करते हैं.
हल्दी के पत्ते त्वचा के लिए अत्यधिक फायदेमंद होते हैं. क्योंकि इनमें हल्दी की तरह ही एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और जीवाणुरोधी गुण होते हैं. ये पत्ते त्वचा की सूजन, मुंहासे और खुजली को कम करने में मदद करते हैं. इन्हें पीसकर पेस्ट बनाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है. रंगत एकसमान होती है और संक्रमण से बचाव होता है.
हल्दी के पत्तों और हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक यौगिक अपने शक्तिशाली सूजन-रोधी और दर्द निवारक गुणों के कारण जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में अत्यंत प्रभावी हैं. यह जोड़ों की अकड़न को दूर कर गतिशीलता को बेहतर बनाते हैं. यह ऑस्टियोआर्थराइटिस या रुमेटॉइड आर्थराइटिस के लिए एक प्राकृतिक उपचार हो सकता है.
हल्दी के पत्तों और हल्दी में मौजूद ‘करक्यूमिन’ अपने सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण कोलेस्ट्रॉल और शुगर को नियंत्रित करने में अत्यंत प्रभावी हैं. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने, हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने और रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद करते हैं.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-haldi-ke-patte-ke-fayde-health-benefits-digestion-pain-skin-problem-local18-10137501.html
