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सर्दियों में बढ़ जाता है नाक से ब्लीडिंग का खतरा, ये हैं कारण, स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने बताए बचाव के उपाय

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जहानाबादः सर्दी अपने प्रचंड स्तर पर है. उत्तर भारत में पड़ रही सर्दी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. अलाव का सहारा और कम्बल ही इंसान के लिए सहारा है. इस मौसम में उच्च रक्त चाप वाले मरीजों से लेकर बुजुर्ग, दमा और कई मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत होती है. थोड़ी सी लापरवाही परेशानी का सबब बन सकता है. इस मौसम में नाक से भी ब्लीडिंग का खतरा बना रहता है. कई बार यह काफी खतरनाक हो जाता है और जिंदगी रिस्क पर लग जाती है.

यदि ऐसा है तो इससे कैसे सतर्क रहना है और बचने के लिए क्या कुछ उपाय करना होता है? इस पर जहानाबाद स्थित अभ्या हेल्थकेयर हॉस्पिटल की जनरल फिजिशियन डॉक्टर कुमारी दिव्या माला ने कहा कि ठंड का मौसम है. हर इंसान को ध्यान से रहने की जरूरत है. बहुत लोगों को ब्लड प्रेशर होता है, लेकिन उनको यह मालूम नहीं रहता है. कई लोगों के बारे में यह भी सुना होगा कि बाथरूम में गिर गए. ब्लड प्रेशर की शिकायत काफी ज्यादा ठंड में बढ़ जाती है. ऐसे में ब्रेन हैमरेज और लकवा से ग्रसित, ये सभी कहीं न कहीं ब्लड प्रेशर बढ़ने से ही होता है.

नाक से ब्लीडिंग के कारण 
डॉक्टर के अनुसार, उच्च रक्त चाप की वजह से नाक से ब्लीडिंग की समस्या उत्पन्न होने लगती है. क्योंकि नाक में मौजूद छोटे छोटे केपलरीज ब्रेक हो जाते हैं और नाक से ब्लीडिंग होने लगता है. कभी कभी यह स्टॉप नहीं होता है तो उनको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

ठंड के मौसम में हवा में नमी कम होती है, जिसके चलते केपलरीज, स्किन और नेजल सूखे रहते हैं. इस केस में भी ड्राइनेस की वजह से फ्रेज़ाइल केप्लरीज ब्रेक करते हैं और ऐसे में ब्लीडिंग होने का डर रहता है.

जिनको अस्थमा, एलर्जी और नाक बहना जैसी बीमारियां होती रहती है. कभी कभी यही ट्रॉमा में कन्वर्ट हो जाता है. ऐसे में ब्लीडिंग होने लगता है. कभी कभी यही ज्यादा हो जाता है.

बचाव के लिए क्या करें 
डॉक्टर ने बताया कि इस स्थिति में हमेशा मुंह को आगे की ओर झुकाकर रखें, नाक को दबा कर रखें, ताकि सिक्रीशन बाहर की ओर हो और दबाव के चलते नाक से ब्लीडिंग बंद हो सकता है.

ठंड में अक्सर लोग पानी कम पीते हैं तो इससे शरीर में नमी की कमी होती है. पानी लगातार पीते रहना चाहिए और नाक में वेसलिन, नारियल तेल जैसे ऑयली पदार्थ का उपयोग करते रहना चाहिए. इससे ड्राइनेस नहीं होगा और नाक से ब्लीडिंग की समस्या कम होगी.

उच्च रक्त चाप वाले मरीजों को सुबह में जल्दी उठने से बचना चाहिए. साथ ही समय से दवाई लेते रहना चाहिए. इसके अलावा भी ध्यान रखना चाहिए.

Disclaimer: इस खबर में दी गई हेल्थ बेनिफिट की सलाह, हमारे एक्सपर्ट्स से की गई चर्चा के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, न कि व्यक्तिगत सलाह. हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग हैं, इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही, कोई चीज उपयोग करें. कृपया ध्यान दें, Bharat.one की टीम किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी.


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