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Health Tips: बदलता मौसम बच्चों को कर सकता है बीमार, मान लें डॉक्टर की सलाह, बिना दवा-इलाज गुजरेगा पूरा सीजन!

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Health Tips For Changing Season: मौसम बदल रहा है और अभी से तेज गर्मी पड़ने लगी है. ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने के चांस ज्यादा रहते हैं. पलामू के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव विशाल ने बताया कि इस मौसम में कैसे बच्चों का ध्यान रखा जा सकता है.

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पलामू. अब मौसम बदलने लगा है. इसी क्रम में अगर पलामू की बात करें तो यहां मौसम तेजी से गर्म हो रहा है और इसकी शुरुआत के साथ बच्चों की सेहत को लेकर चिंता भी बढ़ गई है. इस मौसम में सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. बदलता मौसम अक्सर बच्चों को बीमार करके जाता है. तापमान बढ़ने के साथ शरीर में पानी की कमी, संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों की सेहत पर खास ध्यान दें और खान-पान व साफ-सफाई से जुड़े नियमों का पालन करें.

डायरिया और उल्टी की हो सकती है समस्या
गर्मी के मौसम में बच्चों में डायरिया, दस्त और उल्टी की समस्या तेजी से बढ़ने लगती है. डॉक्टरों के अनुसार तापमान बढ़ने के कारण खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं. खासकर एस्ट्रो वायरस जैसे पेट के वायरस भोजन के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं, जिससे बच्चों में डायरिया और उल्टी की शिकायत शुरू हो जाती है. इसलिए बच्चों के खान-पान और साफ-सफाई पर खास ध्यान देना जरूरी है.

हाइजीन का रखें खास ध्यान
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव विशाल ने लोकल18 को बताया कि गर्मी के मौसम में बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए हाइजीन बनाए रखना सबसे जरूरी होता है. बच्चों के लिए खाना बनाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोना चाहिए. अगर बच्चे हाथ से खाना खाते हैं तो उन्हें भी हाथ धोकर ही खाना खाने की आदत डालनी चाहिए. खाने को हमेशा साफ बर्तनों में रखें और उसे ढककर रखें ताकि मक्खी या धूल से बचाया जा सके. साफ पानी का उपयोग करना और बर्तनों की नियमित सफाई भी जरूरी है.

शरीर में पानी की कमी न होने दें
गर्मी के मौसम में बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए. बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहना जरूरी है. डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के वजन के अनुसार पानी देना चाहिए. उदाहरण के लिए अगर बच्चे का वजन लगभग 10 किलो है तो उसे दिनभर में करीब 500 एमएल पानी जरूर मिलना चाहिए. इसके अलावा ओआरएस का घोल और नमक-चीनी का घोल भी समय-समय पर देना फायदेमंद होता है.

हीट वेव से बचाव भी जरूरी
उन्होंने कहा कि तेज धूप और हीट वेव बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. इस दौरान बच्चों में हीट स्ट्रोक, नाक से खून आना, अचानक दस्त शुरू होना या बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए दोपहर के समय बच्चों को बाहर धूप में नहीं ले जाना चाहिए और उन्हें घर के अंदर सुरक्षित रखना चाहिए. छह महीने तक के शिशुओं को नियमित रूप से मां का दूध देना जरूरी है. इसके बाद बच्चों को पानी युक्त आहार जैसे दाल का पानी और पानी वाले फल भी दिए जा सकते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए Bharat.one Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें


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