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Health Tips: बवासीर जड़ से खत्म! ये पेड़ नहीं औषधियों का खजाना, बीमारियों का इलाज छिपा है छाल में, जानें कैसे

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Health Tips: आयुर्वेद में कई ऐसे पेड़-पौधे बताए गए हैं जिनकी छाल औषधि का काम करती है. इनमें से एक पेड़ की छाल बवासीर के इलाज में रामबाण मानी जाती है. यही नहीं, इसकी छाल से बना काढ़ा फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों म…और पढ़ें

जयपुर. प्रकृति में ऐसे आने को पेड़ पौधे पाए जाते हैं जो मानव शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. ऐसा ही एक पौधा है गूलर, यह एक औषधि गुणों वाला पौधा है. इस पेड़ के फल, पत्ते, छाल और जड़ें सभी स्वास्थ्य गुना से भरपूर है. औषधीय पौधों पर रिसर्च करने वाली पर्यावरण प्रेमी डॉ. अभिलाषा रणवा ने बताया कोरोना काल के दौरान शरीर में इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए इस पौधे का उपयोग किया गया था. गूलर के पत्तों, फलों और तने का सेवन करने से कई बीमारियों का नाश होता है.

डॉ. अभिलाषा रणवा ने बताया गूलर की शाखाएं मोटी होती हैं और पत्ते दिल के आकार के साथ खुरदरी सतह वाले होते हैं. इसके फल 2 से 3 सेंटीमीटर व्यास के होते हैं और पकने पर हरे से पीले या लाल रंग के हो जाते हैं. खास बात यह है कि इस पर फूल और फल पूरे वर्ष लगते हैं, जबकि जुलाई से दिसंबर के बीच इसकी उपज सबसे अधिक होती है. आयुर्वेद में गूलर को अंजीर की तरह ही उपयोगी बताया गया है. इसके फलों का सेवन शरीर को ताकत देता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है.

बवासीर के इलाज में प्रयोग
डॉक्टर रणवा के अनुसार, पेट खराब होने पर इसके पके हुए फल खाने से तुरंत आराम मिलता है. वहीं इसके कच्चे फल मधुमेह में लाभकारी होते हैं. इसकी छाल को जलाकर राख बनाई जाती है, जिसे सरसों या कंजई के तेल में मिलाकर बवासीर के इलाज में प्रयोग किया जाता है. इस पेड़ से निकलने वाला दूध चर्म रोग, दाद और फंगल इन्फेक्शन में रामबाण माना जाता है.

छाल से बना काढ़ा फेफड़ों की बीमारियों को करता है दूर
इसके अलावा गूलर की छाल से बना काढ़ा फेफड़ों की बीमारियों, गले की खराश और सूजन को दूर करता है. इसकी पत्तियां पीलिया में कारगर होती हैं. इसके अलावा इसकी जड़ों में रेचक और कृमिनाशक गुण पाए जाते हैं. ऐसे में गूलर का पेड़ केवल छाया देने वाला वृक्ष नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी बहुत उपयोगी है. इसके फलों, पत्तों और छाल का नियमित और सही मात्रा में सेवन कई गंभीर बीमारियों से बचाव होता है.

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गूलर के पौधे को घर में ऐसे लगाए
गूलर के पौधे को घर में लगाना भी बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले 8–10 इंच का गमला लें और उसमें अच्छी तरह से गोबर की खाद, बालू और बगीचे की मिट्टी बराबर मात्रा में मिलाएं. गूलर की ताजी डाली या छोटे पौधे को इसमें रोप दें और हल्का पानी दें. पौधे को छांव वाली जगह पर रखें, जहां सीधी धूप कम आती हो. इस दौरान नियमित रूप से नमी बनाए रखें और लेकिन पानी अधिक न भरें. इस पौधे में समय-समय पर जैविक खाद डालते रहें. कुछ ही महीनों में पौधा तेजी से बढ़ेगा और कुछ सालों बाद फल देने लगेगा. यह पौधा घर में शुभ माना जाता है.

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Health Tips: ये पेड़ नहीं औषधियों का खजाना, बीमारियों का इलाज छिपा है छाल में


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