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बस या कार से सफर करते समय कई लोगों को उल्टी, चक्कर और जी मिचलाने की समस्या होने लगती है. यह परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि लोग ट्रैवल से पहले ही घबरा जाते हैं. लेकिन कुछ आसान टिप्स और सही आदतें अपनाकर मोशन सिकनेस से राहत पाई जा सकती है और सफर को आरामदायक बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे…
बस या कार से सफर करना कई लोगों के लिए परेशानी भरा अनुभव बन जाता है, क्योंकि रास्ते में उल्टी, जी मिचलाना, चक्कर आना और बेचैनी जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसे मोशन सिकनेस कहा जाता है, जो खासतौर पर लंबे सफर, पहाड़ी रास्तों, ट्रैफिक और तेज ड्राइविंग के दौरान ज्यादा होती है. कई बार लोग इसी डर की वजह से ट्रैवल प्लान ही कैंसिल कर देते हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें और घरेलू टिप्स अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है और बिना डर के सफर को एंजॉय किया जा सकता है.
बस या कार से सफर करना कई लोगों के लिए परेशानी भरा अनुभव बन जाता है, क्योंकि रास्ते में उल्टी, जी मिचलाना, चक्कर आना और बेचैनी जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसे मोशन सिकनेस कहा जाता है, जो खासतौर पर लंबे सफर, पहाड़ी रास्तों, ट्रैफिक और तेज ड्राइविंग के दौरान ज्यादा होती है.
कई बार लोग इसी डर की वजह से ट्रैवल प्लान ही कैंसिल कर देते हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें और घरेलू टिप्स अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है और बिना डर के सफर को एंजॉय किया जा सकता है.
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मोशन सिकनेस से बचने के लिए सबसे जरूरी है सफर से पहले क्या खाते हैं, इस पर ध्यान देना. यात्रा से ठीक पहले बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट पर दबाव पड़ता है और उल्टी की संभावना बढ़ जाती है. बेहतर होगा कि हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं, जैसे टोस्ट, केला या सादा बिस्किट. साथ ही खाली पेट भी सफर न करें, क्योंकि इससे एसिडिटी और चक्कर आने की समस्या हो सकती है. सफर से पहले पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि थकान और नींद की कमी मोशन सिकनेस को बढ़ा सकती है.
सफर के दौरान बैठने की जगह का सही चुनाव भी उल्टी से बचाने में मदद करता है. बस में आगे की सीट और कार में फ्रंट सीट पर बैठना बेहतर माना जाता है, क्योंकि यहां झटके कम महसूस होते हैं. कोशिश करें कि चलते वाहन में मोबाइल फोन, किताब या स्क्रीन देखने से बचें, क्योंकि इससे आंखों और दिमाग के बीच तालमेल बिगड़ता है. बाहर दूर क्षितिज या सड़क की ओर देखते रहना मोशन सिकनेस को कम करने में मदद करता है. साथ ही ताजी हवा के लिए खिड़की थोड़ा खोल लें या एसी का वेंट अपनी तरफ रखें.
अगर आपको अक्सर सफर में उल्टी की समस्या होती है, तो ट्रैवल से पहले डॉक्टर की सलाह से एंटी मोशन सिकनेस टैबलेट भी ली जा सकती है. हालांकि दवाओं पर पूरी तरह निर्भर न रहें और ऊपर बताए गए टिप्स को अपनी आदत में शामिल करें. सही खानपान, सही सीट, नेचुरल उपाय और शांत मन के साथ आप बस या कार से बिना डर के सफर कर सकते हैं. थोड़ी सी समझदारी और तैयारी आपके ट्रैवल एक्सपीरियंस को आरामदायक और यादगार बना सकती है.
कुछ नेचुरल उपाय भी मोशन सिकनेस में काफी असरदार साबित होते हैं. अदरक इसमें सबसे ज्यादा कारगर माना जाता है. सफर से पहले अदरक की चाय, अदरक की कैंडी या छोटा सा टुकड़ा चबाने से मतली कम होती है. पुदीना भी पेट को शांत करता है, इसलिए पुदीने की गोली या चाय फायदेमंद हो सकती है. नींबू की खुशबू या थोड़ा सा नींबू चूसने से भी उल्टी की फीलिंग कम होती है. इसके अलावा गहरी सांस लेने और रिलैक्स रहने की कोशिश करें, क्योंकि घबराहट से समस्या और बढ़ सकती है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-home-tips-and-diet-remedies-for-motion-sickness-if-you-feel-vomiting-during-travel-ws-ekl-10008827.html
