Last Updated:
Right Time To Eat Dinner: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में देर रात खाना कई लोगों की आदत बन चुकी है. ऑफिस का काम, मोबाइल स्क्रीन और बदलती दिनचर्या के चलते डिनर का समय लगातार आगे खिसकता जा रहा है. अधिकतर लोग मानते हैं कि देर रात खाने से बस पाचन खराब होता है या पेट भारी लगता है, लेकिन असल सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गंभीर है.
पूजा मखीजा बताती हैं कि रात में खाना खाने का असर मेलाटोनिन हार्मोन की वजह से होता है. मेलाटोनिन नींद का हार्मोन है, जो सोने से करीब 2–3 घंटे पहले बढ़ने लगता है. इसी समय शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी करीब 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है.
एक रिसर्च का हवाला देते हुए पूजा मखीजा बताती हैं कि जब शरीर में मेलाटोनिन का स्तर ज्यादा होता है, तब खाना खाने पर ब्लड ग्लूकोज लेवल सामान्य समय की तुलना में करीब 34 प्रतिशत तक अधिक बढ़ जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वही भोजन शाम 7 बजे खाया जाए तो शरीर उसे अच्छे से पचाकर ऊर्जा में बदल लेता है. लेकिन रात 10 बजे वही खाना खाने पर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और फैट स्टोर होने लगता है.
Add Bharat.one as
Preferred Source on Google
हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दिन के पहले हिस्से में ज्यादा कैलोरी लें. ब्रेकफास्ट और लंच को थोड़ा भारी रखें, जबकि डिनर हल्का और जल्दी करें. शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक के अनुसार खाना मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखता है.
देर रात खाना खाने से शरीर की सर्केडियन रिदम बिगड़ती है, जिससे इंसुलिन का काम प्रभावित होता है. सही समय पर खाना न सिर्फ वजन कंट्रोल में मदद करता है, बल्कि अच्छी नींद और बेहतर सेहत भी देता है.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/health-eating-late-at-night-is-harmful-but-why-body-has-to-endure-many-problems-ws-el-10008820.html
