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Rabies Vaccine vs Immunoglobulin: रेबीज एक जानलेवा संक्रमण है और यह कुत्ता-बिल्ली समेत कई जानवरों के काटने से फैलता है. रेबीज के अधिकतर मामले डॉग बाइट से जुड़े होते हैं. कई लोग मानते हैं कि रेबीज की वैक्सीन लगवाना काफी नहीं होता है, बल्कि उसके साथ एंटीबॉडीज भी लगवानी चाहिए. हालांकि वायरोलॉजिस्ट की मानें तो डॉग बाइट के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना काफी होता है. केवल कुछ गंभीर मामलों में ही रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की जरूरत पड़ती है.
Rabies Antibodies Along With Vaccine: रेबीज एक खतरनाक इंफेक्शन है, जो अक्सर कुत्ता, बिल्ली, बंदर या अन्य संक्रमित जानवर के काटने से इंसानों में फैलता है. रेबीज के अधिकतर मामले डॉग बाइट यानी कुत्ते के काटने से सामने आते हैं. अगर किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले और जल्द से जल्द उसे एंटी रेबीज वैक्सीन न लगवाई जाए, तो रेबीज संक्रमण फैल सकता है. अगर रेबीज इंफेक्शन फैल जाए, तो उससे मौत हो जाती है. यही वजह है कि रेबीज का इंफेक्शन सबसे घातक होता है. इसका कोई इलाज नहीं होता है और मौत हो जाती है. यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में गिना जाता है. हालांकि राहत की बात यह है कि एंटी रेबीज वैक्सीन से इस संक्रमण से बचा जा सकता है.
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स दावा कर रहा है कि कुत्ते के काटने के बाद सिर्फ एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन यानी एंटीबॉडीज भी लगवानी चाहिए. इन दोनों का कॉम्बिनेशन ही रेबीज से 100% सुरक्षा दे सकता है. अधिकतर लोग कुत्ते के काटने के बाद सिर्फ रेबीज की वैक्सीन लगवा लेते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी एंटी रेबीज वैक्सीन को इस संक्रमण से बचाने में बेहद कारगर मानते हैं. अब सवाल है कि क्या वाकई एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ एंटीबॉडीज लगवाना जरूरी है? चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जान लेते हैं.
नई दिल्ली के डॉक्टर अंबेडकर सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर और वायरोलॉजिस्ट डॉ. सुनीत के सिंह ने Bharat.one को बताया कि कुत्ते या बिल्ली के काटने के 24 घंटे से पहले सभी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए. इसके बाद इसकी सही समय पर सभी डोज लगवानी चाहिए. एंटी रेबीज वैक्सीन इस घातक बीमारी के संक्रमण से बचाने में बेहद कारगर होती है. इसके अलावा अगर रेबीज की एंटीबॉडीज यानी रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की बात करें, तो यह खुद में कोई ट्रीटमेंट नहीं है. ये एंटीबॉडी भी वैक्सीन के साथ ही लगाई जाती हैं, ताकि गंभीर मामलों में जल्द से जल्द रेबीज से सुरक्षा मिल सके. कुत्ता काटने के सभी मामलों में इन एंटीबॉडीज को लगाने की जरूरत नहीं होती है. अधिकतर मामलों में एंटी रेबीज वैक्सीन ही काफी होती है और उससे शरीर में धीरे-धीरे एंटीबॉडीज डेवलप हो जाती हैं. इससे रेबीज संक्रमण से बचाव में मदद मिलती है.
वायरोलॉजिस्ट ने बताया कि अगर किसी को लगता है कि सिर्फ एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने का कोई फायदा नहीं है, तो यह बात दिमाग से निकाल देनी चाहिए. रेबीज से बचाने में एंटी रेबीज वैक्सीन ही सबसे कारगर है. रेबीज की जो एंटीबॉडीज अस्पताल में उपलब्ध होती हैं, वे सभी लोगों के शरीर पर एक जैसा काम नहीं करती हैं और सभी को उससे फायदा नहीं होता है. जबकि एंटी रेबीज वैक्सीन के बाद बॉडी नेचुरल तरीके से जो एंटीबॉडीज बनाती है, वे रेबीज के खिलाफ सबसे ज्यादा कारगर होती हैं. इसलिए कुत्ते के काटने के बाद लोगों को सबसे पहले उस जगह को साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए और इसके बाद कुछ ही घंटों में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए. इस मामले में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए. कई बार डॉक्टर मरीज की कंडीशन और डॉग बाइट के आधार पर एंटीबॉडीज लगाने का फैसला करते हैं.
अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-is-immunoglobulin-necessary-along-with-rabies-vaccine-experts-opinion-on-dog-bite-vaccination-9888260.html
