आनंद: हमारे देश में बहुत से प्रकार के पेड़ पाए जाते हैं, जिनकी अलग-अलग विशेषताएं होती हैं. हालांकि, आज हमारे देश में कई दुर्लभ पेड़ की प्रजातियां हैं जो धीरे-धीरे गायब हो रही हैं. जंगलों की अंधाधुंध कटाई और आयुर्वेदिक व अन्य प्रकार के पेड़ के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से, कुछ पेड़ की प्रजातियां आज दुर्लभ श्रेणी में आ गई हैं. उनमें से एक है ‘मीठा गुग्गल’. मीठे गुग्गल का उपयोग कई तरीकों से होता है, जिसकी वजह से ये आज विलुप्ति के कगार पर खड़ा है.
दुर्लभ प्रजातियों की संख्या अनगिनत
इस पर, सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के बायोसाइंस डिपार्टमेंट के प्रोफेसर, डॉ. कल्पेश इशनावा ने बताया कि जिस पौधे की बात हम कर रहे हैं, उसे गुजरात में ‘मीठा गुग्गल’ के नाम से जाना जाता है. आज इस दुर्लभ प्रजाति के पेड़ की संख्या बहुत कम बची है. मीठे गुग्गल का बॉटनिकल नाम Commiphora stocksiana है. गुजरात में इस प्रजाति के पेड़ सिर्फ कच्छ में ही मिलते हैं. इसके अलावा, ये तीन-चार जगहों पर ही देखे गए हैं.
पेड़ का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है उसका गोंद रेजिन
मीठा गुग्गल का पौधा कम ऊंचाई वाला होता है. इसकी पत्तियां 3 या 4 पत्तियों के समूह में होती हैं और इसके ऊपर गुलाबी और लाल रंग के फूल देखे जाते हैं. इस पेड़ का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसका गोंद रेजिन है, जिसे गुग्गल कहा जाता है. पेड़ की छाल से निकलने वाला चिपचिपा पदार्थ गोंद रेजिन कहलाता है, जिसका उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया जाता है.
गुग्गल का आयुर्वेदिक महत्व
Bharat.one से बात करते हुए डॉ. कल्पेश इशनावा ने बताया कि गुग्गल के कई आयुर्वेदिक उपाय हैं, जिसमें खासकर सर्दी, खांसी, और गले की खराश में इसका इस्तेमाल फायदेमंद होता है. इसके अलावा, गुग्गल का उपयोग शरीर पर होने वाले मस्से हटाने और दर्द से राहत देने में भी होता है. साथ ही, दस्त और सफ़ेद रंग के वजाइनल डिस्चार्ज को दूर करने में भी ये कारगर है.
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डॉ. इशनावा ने कहा कि गोंद रेजिन निकालने के लिए गुग्गल के पेड़ की छाल काटी जाती है. कई बार लोग पेड़ को बहुत गहरा काट देते हैं, जिससे पेड़ धीरे-धीरे मरने लगता है. सही तकनीक की जानकारी न होने की वजह से कई पेड़ मर जाते हैं. इस तरह, ये पेड़ अब विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके हैं.
गुग्गल के फायदे
1.सर्दी और खांसी में राहत: गुग्गल ठंडी, खांसी और गले की खराश को दूर करने में मदद करता है.
2.दर्द में राहत: अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह दर्द को कम करने के लिए लाभकारी है.
3.त्वचा के लिए फायदेमंद: यह त्वचा के मस्सों को हटाने में कारगर है.
4.दस्त की समस्या: साथ ही, गुग्गल दस्त की समस्या को ठीक करने और सफ़ेद रंग के वजाइनल डिस्चार्ज को दूर करने में भी लाभकारी है.
FIRST PUBLISHED : October 26, 2024, 15:57 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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