Last Updated:
10 oldest cafe in india। भारत में कुछ ऐसे ईटरीज (रेस्टोरेंट और कैफे) हैं, जो सिर्फ खाने के लिए नहीं बल्कि अपने इतिहास, संस्कृति और विरासत के लिए भी जाने जाते हैं. दशकों से नहीं, बल्कि सौ साल के आसपास या उससे भी ज्यादा समय से ये जगहें लोगों का स्वाद जीतती आ रही हैं. जानते हैं भारत की 10 सबसे पुरानी और मशहूर ईटरीज़ के बारे में…
Indian Coffee House की शुरुआत साल 1936 में हुई थी. यह देशभर में फैली सबसे आइकॉनिक कैफे चेन में से एक है. दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और कई अन्य शहरों में इसकी शाखाएं हैं. यहां सादा लेकिन स्वादिष्ट साउथ इंडियन खाना, कटलेट, डोसा और फिल्टर कॉफी बेहद लोकप्रिय हैं. यह जगह आज भी बुद्धिजीवियों, छात्रों और लेखकों की पसंद बनी हुई है.
दार्जिलिंग की मशहूर बेकरी और कैफे Glenary’s की स्थापना 1911 में हुई थी. यह ब्रिटिश दौर की याद दिलाने वाली जगह है. यहां के केक, पेस्ट्री, ब्रेड और इंग्लिश ब्रेकफास्ट काफी मशहूर हैं. दार्जिलिंग आने वाले टूरिस्ट के लिए Glenary’s एक मस्ट-विजिट स्पॉट माना जाता है.
पुरानी दिल्ली में स्थित Karim’s की शुरुआत 1913 में हुई थी. इसे मुगल शाही खानसामों की परंपरा से जोड़ा जाता है. यहां की मटन करी, कबाब और निहारी दुनियाभर में मशहूर हैं. जामा मस्जिद के पास स्थित यह रेस्टोरेंट आज भी वही शाही स्वाद परोसता है.
Add Bharat.one as
Preferred Source on Google
मुंबई के बल्लार्ड एस्टेट में स्थित Britannia & Co. की स्थापना 1923 में हुई थी. यह पारसी रेस्टोरेंट अपने बेरी पुलाव, कीमा और कारमेल कस्टर्ड के लिए जाना जाता है. यहां का पुराना फर्नीचर और सादगी भरा माहौल इसे और खास बनाता है.
कोलकाता का मशहूर Flurys कैफे 1927 में शुरू हुआ था. यह पार्क स्ट्रीट की पहचान माना जाता है. यहां के केक, पेस्ट्री, मैकरॉन और इंग्लिश ब्रेकफास्ट बेहद लोकप्रिय हैं. Flurys आज भी अपने क्लासिक यूरोपियन फ्लेवर के लिए जाना जाता है.
गोवा के पणजी में स्थित Café Tato की शुरुआत 1917 के आसपास मानी जाती है. यह एक सिंपल लेकिन बेहद लोकप्रिय कैफे है. यहां का वडा-पाव, चाय और गोअन स्नैक्स लोगों को खूब पसंद आते हैं. लोकल लोगों के साथ-साथ टूरिस्ट भी यहां जरूर आते हैं.
बेंगलुरु का मशहूर MTR यानी Mavalli Tiffin Room 1924 में शुरू हुआ था. यह साउथ इंडियन खाने के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. यहां का रवा इडली, डोसा और फिल्टर कॉफी बेहद फेमस है. MTR ने साउथ इंडियन फूड को एक अलग पहचान दी है.
हैदराबाद के सिकंदराबाद में स्थित Paradise की शुरुआत 1953 में एक छोटे कैफे के रूप में हुई थी. बाद में यह हैदराबादी बिरयानी का सबसे बड़ा नाम बन गया. आज Paradise देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी बिरयानी के लिए जाना जाता है.
हैदराबाद के चारमीनार के पास स्थित Hotel Shadab की स्थापना 1953 में हुई थी. यह होटल अपनी दम बिरयानी, कीमा और कबाब के लिए मशहूर है. पुराने हैदराबाद का असली स्वाद यहां आज भी महसूस किया जा सकता है.
पुणे में स्थित Dorabjee & Sons की शुरुआत 1878 में हुई थी. यह भारत के सबसे पुराने ग्रोसरी और फूड स्टोर्स में से एक है. यहां पारसी और इंटरनेशनल फूड आइटम्स मिलते हैं. यह जगह आज भी अपनी क्वालिटी और विरासत के लिए जानी जाती है.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/travel-legacy-and-flavors-of-10-iconic-historic-cafe-restaurants-of-bharat-ws-l-10038982.html
