एयरपोर्ट सोर्सेज के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट का रनवे 11R/29L अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा. इस दौरान रनवे पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) बदलने के साथ-साथ एक नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे बनेगा. इसके अलावा, इसी समयावधि में रनवे कार्पेटिंग के साथ ड्रेनेज सिस्टम को भी बेहतर किया जाएगा. इस रनवे क्लोजर को लेकर पैसेंजर्स के लिए सबसे बड़ी चिंता फ्लाइट्स डिले, शेड्यूल चेंज को लेकर है. दिल्ली एयरपोर्ट पर फरवरी के मध्य तक कोहरे का असर बना रहता है और अप्रैल से जून के बीच समर ट्रैवल का पीक सीजन होता है. ऐसे में एक रनवे बंद होने से ऑपरेशंस पर दबाव बढ़ना लगभग तय है.
क्या रनवे क्लोजर की वजह से फ्लाइट्स की संख्या कमी की जाएगी?
एयरपोर्ट सोर्सेज की मानें तो रनवे क्लोजर के बावजूद फ्लाइट्स की संख्या में बड़ी कटौती नहीं की जाएगी. अभी दिल्ली एयरपोर्ट से औसतन करीब 1,550 फ्लाइट्स रोज ऑपरेट होती हैं. रनवे बंद होने पर यह संख्या लगभग 1,515 फ्लाइट्स रह सकती है. यानी कागजों पर बहुत बड़ा फर्क नहीं दिखता, लेकिन असल असर टाइमिंग और भीड़ पर रनवे क्लोजर का क्या असर पड़ता है, यह तो समय आने पर ही पता चलेगा.
11R/29L क्लोजर के बाद किस रनवे से फ्लाइट ऑपरेशन किया जाएगा?
आईजीआई एयरपोर्ट पर कुल चार रनवे हैं. रनवे 11R/29L बंद होने के बाद फ्लाइट ऑपरेशन बाकी तीन रनवे से जारी रखा जाएगा. नया रनवे 29R/11L का एक साथ टेक-ऑफ और लैंडिंग दोनों के लिए इस्तेमाल होगा. रनवे 28/10 सिर्फ टेकऑफ के लिए रहेगा. रनवे 27/09 का इस्तेमाल सिर्फ लैंडिंग के लिए किया जाएगा.
क्या कोहरा और ‘ईस्टरली मोड’ फ्लाइट ऑपरेशन को प्रभावित कर सकता है?
दिल्ली एयरपोर्ट पर ज्यादातर ऑपरेशंस वेस्टरली मोड में बेहतर चलते हैं. लेकिन जब हवा पूर्व दिशा से चलती है, यानी ईस्टरली मोड होता है, तो रनवे और टैक्सीवे की डिजाइन के कारण ऑपरेशंस थोड़े मुश्किल हो जाते हैं. एयरपोर्ट ने एयरलाइंस को पहले से सतर्क रहने और तय क्षमता का सख्ती से पालन करने को कहा है, बावजूद इसके पैसेंजर्स को हल्की-फुल्की देरी के लिए तैयार रहना चाहिए.
पैसेंजर्स को किन बातों को रखना होगा ध्यान?
- फ्लाइट स्टेटस चेक करें: एयरपोर्ट निकलने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर फ्लाइट स्टेटस जरूर देखें.
- अतिरिक्त समय लेकर चलें: आपकी फ्लाइट खासकर सुबह और शाम पीक टाइम के दौरान है तो आप अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट थोड़ा जल्दी पहुंचें.
- कनेक्टिंग फ्लाइट्स में गैप रखें: अगर आपके ट्रैवल प्लान में कनेक्टिंग फ्लाइट भी है, तो दोनों के बीच ज्यादा समय रखें.
- टिकट बुकिंग के दौरान यह रखें ध्यान: फ्लाइट टिकट आप खुद बुक करें या फिर ट्रैवल एजेंसी से कराएं, मोबाइल नंबर अपना ही दें, जिससे एयरलाइंस से आने वाले अपडेट सीधे आपके पास पहुंचे.
- मैसेजेज का न करें नजरअंदाज: एयरलाइंस से आने वाले एसएमएस, ईमेल और ऐप नोटिफिकेशन को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. ऐसा करना अपकी दिक्कत बढ़ा सकते हैं.
- पीक सीजन में फ्लेक्सिबल टिकट चुनें: अगर संभव हो तो रीशेड्यूल की सुविधा वाले एयर टिकट बुक कराएं, जिससे विपरीत परिस्थितियों में आपको अपना ट्रैवल प्लान नहीं बदलना पड़े.
रनवे क्लोजर का भविष्य में मिलेगा बड़ा फायदा
एयरपोर्ट सोर्सेज के अनुसार, रनवे क्लोजर की वजह से अगले चार महीने पैसेंजर्स के लिए थोड़े परेशानी भरे हो सकते हैं, लेकिन इसके बाद इसका फायदा लंबे समय तक मिलेगा. नया आईएलएस और बेहतर रनवे कार्पेटिंग से लैंडिंग ज्यादा सुरक्षित होगी, डिलेज कम होंगे और खराब मौसम में भी ऑपरेशंस जारी रह सकेंगे.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/nation/delhi-igi-airport-runway-upgradation-navigation-system-passengers-travel-plan-foggy-weather-flight-delays-dial-10077157.html
