Agency:Bharat.one Uttarakhand
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Haridwar: कुछ ही दिनों में विजया एकादशी आने वाली है. अगर इस दिन कुछ उपाय कर लिए जाएं तो न केवल जीवन में सुख-शांति आती है बल्कि वाद-विवाद के मुकदमें में विजय भी होती है.
विजया एकादशी 2025
हाइलाइट्स
- विजया एकादशी का व्रत करने से वाद-विवाद में विजय मिलती है.
- विजया एकादशी 2025 में 24 फरवरी को है.
- व्रत में चावल या चावल से बनी चीजें वर्जित हैं.
हरिद्वार. वैदिक पंचांग के अनुसार साल में 24 एकादशी का आगमन होता है. साल भर में आने वाली सभी एकादशी का अपना अलग-अलग महत्व है. वैदिक काल से ही एकादशी तिथि का व्रत करने का विधान है. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है, जिनका व्रत करने और विधि विधान से नियमों का पालन करने पर चमत्कारी लाभ होते हैं. किसी एकादशी के व्रत को करने से मनोकामना पूर्ण होती है तो किसी एकादशी का व्रत करने से जीवन में सुख समृद्धि, खुशहाली आती है. फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी का आगमन होता है. इस एकादशी का अपना विशेष महत्व बताया गया है.
विजया एकादशी पर करें उपाय
विजया एकादशी की ज्यादा जानकारी देते हुए उत्तराखंड हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि सभी कार्यों में सफलता पाने के लिए विजया एकादशी का आगमन होता है. साल भर में 24 एकादशी आती हैं. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है. विजया एकादशी का व्रत करने से सभी कार्यों में विजय मिलती यानी अगर कोई वाद विवाद, मुकदमा या किसी दूसरे काम में बाधा आ रही है तो विजया एकादशी का व्रत करने से उन सभी में सफलता मिल जाती है. साल 2025 में विजया एकादशी का व्रत 24 फरवरी सोमवार को किया जाएगा.
कैसे करें व्रत
एकादशी के व्रत को करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि करके व्रत का संकल्प करें और विष्णु भगवान के मंत्रों का जाप, स्तोत्र का पाठ और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. एकादशी के व्रत में चावल या चावल से बनी कोई भी खाद्य सामग्री पूर्ण रूप से वर्जित होती है. मान्यता है कि अगर इसका सेवन किया जाता है तो व्यक्ति को दोष लगता है. सभी एकादशी में विजया एकादशी का अपना ही महत्व है जिससे सभी रुके हुए कार्यों में सफलता, वाद विवाद, मुकदमा वगैरह खत्म हो जाते हैं.
Hardwar,Uttarakhand
February 15, 2025, 14:00 IST
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
