बागेश्वर : हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार केले के पेड़ को घर में लगाने का विशेष महत्व है. हिंदू धर्म के अनुसार केले के पेड़ को पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है. इसलिए इसे घर में लगाने से घर में सुख, शांति और धन समृद्धि बनी रहती है. Bharat.one से खास बातचीत करते हुए पंडित प्रकाश कांडपाल बताते हैं कि केले के पेड़ को पूर्णमासी के दिन घर के आंगन में लगाना चाहिए. यह पेड़ शांति का प्रतीक होता है. इसके अलावा आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है. अन्य दिनों के अलावा पूर्णमासी के दिन पेड़ की विशेष पूजा होती है.
हिंदू धर्म में केले के पौधे का बहुत ही महत्व है. इसका उपयोग पूजा-पाठ के लिए किया जाता है, इसके साथ ही गुरुवार के दिन इस पौधे की भी पूजा की जाती है. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, मान्यता है कि केले के पौधे में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का निवास होता है. मान्यता है कि केले के पेड़ की पूजा करने से घर में सुख, शांति, धन की समृद्धि बनी रहती है.
कब लगाना चाहिए केले का पेड़?
पंडित प्रकाश कांडपाल बताते हैं कि वैसे तो सामान्य दिनों में भी केले का पेड़ घर के आंगन में लगाया जा सकता है, लेकिन पूर्णमासी के दिन पेड़ लगाने से यह फलदायक होता है, और घर में हमेशा सुख शांति बनी रहती है. पहाड़ में कई प्रकार की पूजा के दौरान केले के पेड़ की भी पूजा की जाती है, और मां नंदा-सुनंदा पूजा में भी केले के पेड़ का विशेष महत्व होता है.
वैज्ञानिक दृष्टि से पेड़ का महत्व
रिसर्च के अनुसार माना गया है कि केले के पेड़ के पास पर बैठने से मन की शांति मिलती है. क्योंकि केले के पेड़ से सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है, इसलिए उसके आसपास बैठने से मन की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है, और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है.
करें इस मंत्र का जाप
पंडित प्रकाश कांडपाल बताते हैं कि पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाने से घर में हमेशा धन की समृद्धि बनी रहती है. इसे हमेशा बनाए रखने के लिए “ऊं विष्णुवे नम:” मंत्र का जाप करते हुए जल चढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं .
केले के पत्तों का महत्व
उत्तराखंड के कई पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी केले के पत्तों में खाना खिलाया जाता है. केले के पत्ते को शुद्ध और पवित्र माना जाता है, इसलिए इसमें पितरों को भी भोग लगाया जाता है, और इसके अलावा शुभ कार्य के दौरान इसके पत्ते में खाना भी खाया जाता है. साथ ही पहाड़ में आज भी त्यौहार भेजते समय पूरी और सब्जी को केले के पत्ते में लपेटकर भेजा जाता है.
FIRST PUBLISHED : November 6, 2024, 14:30 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
