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नया साल शुरू होते ही भक्तों की आस्था चरम पर पहुंच जाती है. सीतामढ़ी जिले में कई ऐसे पावन स्थल हैं. जहां हजारों की भीड़ जुटती है. यहां श्रद्धालु नए वर्ष की शुरुआत भगवान के दर्शन और आशीर्वाद के साथ करते हैं.
नया साल शुरू होते ही भक्तों की आस्था चरम पर पहुंच जाती है. सीतामढ़ी जिले में कई ऐसे पावन स्थल हैं. जहां हजारों की की भीड़ जुटती है और श्रद्धालु नए वर्ष की शुरुआत भगवान के दर्शन और आशीर्वाद के साथ करते हैं. धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक मान्यताओं के कारण ये मंदिर न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं. प्रशासन भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी करता है.
पुनौरा धाम: सीतामढ़ी का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र पुनौरा धाम माता सीता की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है. यहां भक्त नए साल पर विशेष पूजा-अर्चना और हवन करते हैं। विशाल मंदिर परिसर, भव्य वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण यह स्थान आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.श्रद्धालुओं का ऐसा विश्वास है कि यहां दर्शन मात्र से वर्ष शुभ हो जाता है.
जानकी मंदिर (रजत द्वार): शहर के बीचों बीच स्थित जानकी मंदिर अपने रजत द्वार और सुंदर स्थापत्य के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है. यहां हर वर्ष नए साल के मौके पर भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर में आरती, भजन और विशेष पूजा का आयोजन होता है. सीतामढ़ी आने वाला हर भक्त इस मंदिर में जरूर पहुंचता है और खुशहाल जीवन की कामना करता है.
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वैष्णव देवी मंदिर: आरडी पैलेस रोड स्थिति मंदिर मां की दर्शन से शांति, भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम माना जाता है. यहां भक्त माता के दर्शन कर नए वर्ष की शुरुआत शुभ संकल्पों के साथ करते हैं. यहां दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. खासकर आसपास के लोगों की भीड़ जुटती है.
पंथ पाकड़ धाम: ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े पंथ पाकड़ धाम की अपनी अलग पहचान है. यहां माता जानकी की डोली स्थल के नाम से लोग जानते है। यहां स्थित पवित्र वृक्ष और मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र हैं. माना जाता है कि यहां दर्शन और पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. नए साल पर यहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है.
राधा कृष्ण मंदिर: प्रेम, भक्ति और माधुर्य का प्रतीक राधा-कृष्ण मंदिर नए साल पर विशेष रूप से सजा रहता है.यहां सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं. श्रीकृष्ण भक्ति के रस में डूबे कीर्तन, आरती लोगों को आध्यात्मिक आनंद से भर देते हैं. श्रद्धालु नए वर्ष में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के साथ यहां मत्था टेकते हैं.
महावीर मंदिर : सीतामढ़ी कोर्ट बाजार में स्थित महावीर मंदिर (हनुमानजी मंदिर) स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अच्छी पहचान रखता है. यहां मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से हनुमानजी की पूजा होती है.भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के पास अक्सर भक्तों की भीड़ रहती है. अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. नए साल पर भी इस महावीर मंदिर में आस्था जताने वालों की संख्या बढ़ जाती है, भक्त सुबह-शाम दर्शन करके साल की शुभ शुरुआत की प्रार्थना करते हैं.
