बहराइच: बहराइच शहर में स्थित संतोषी मां का मंदिर बेहद खास है. जहां अनेकों श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं मां ने पूरी की है. संतान की मनोकामना को लेकर इस मंदिर का वर्ष 1969 में निर्माण कराया गया था. शुक्रवार को मन्दिर में काफी भीड़ होती है. लोग कथा सुनते हैं और प्रसाद चढ़ाकर मां से अरदास लगाते हैं. संतोषी मां की इस मंदिर की दीवारें देखने में बिल्कुल रहस्यमई लगती है, जिसमें अनेकों दृश्य बने हुए हैं. जिसको एक बार देखने के बाद नजरें मानो जम जाती है. दीवार पर बना हुआ हर एक चित्र कुछ ना कुछ संदेश देता है. ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे एक बड़ा राक्षस का मुंह हो और फिर उसके अंदर भी एक राक्षस हो, फिर जाकर मां की सुंदर प्रतिमा बनी हुई है.
मंदिर की है विशेष मान्यताएं
इस मंदिर में श्रद्धालु विवाह की मनोकामना को लेकर आते हैं और ऐसा माना जाता है कि सच्चे मन से जो यहां मां से अरदास लगता है, मां उसका जोड़ा जल्द ही बना देती हैं और उसका विवाह सालभर के भीतर ही संपन्न हो जाता है. संतान प्राप्ति की मनोकामना को लेकर भी श्रद्धालु मां से अरदास लगाने आए दिन आते रहते हैं. बहुत से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी भी होती है. मान्यता है कि सूनी कोख को यहां से संतान का आशीर्वाद मिला है. अगर आप भी मां के दर्शन करना चाहते हैं, तो आपको बहराइच शहर के बीचों-बीच घंटाघर से थोड़ा आगे सिद्धनाथ मंदिर के पास आना पड़ेगा. जहां एक लंबी सी गली में मां का भव्य सुंदर मंदिर स्थापित है.
खास बात
मंदिर का निर्माण करने वाले सेठ के पूर्वज बहराइच जिले में लगभग एक हजार वर्ष पूर्व हरियाणा से आए थे और फिर धीरे-धीरे अपना व्यापार भी यहीं पर शुरू किया. भक्ति और श्रद्धा भाव को लेकर आज बहराइच में वंशज एक अच्छे मुकाम पर हैं.
FIRST PUBLISHED : November 8, 2024, 10:44 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
