Home Uncategorized 1 करोड़ के सोने के मुकुट से सजा बाबा श्याम का दरबार,...

1 करोड़ के सोने के मुकुट से सजा बाबा श्याम का दरबार, जानिए क्यों कलयुग में बाबा श्याम की होती है पूजा

0
10


Last Updated:

सीकर के खाटूश्याम जी मंदिर में हरियाणा के भक्त ने 1 करोड़ 10 लाख रुपए का सोने का मुकुट भेंट किया है. बाबा श्याम को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है.

X

श्याम भक्त ने 24 कैरेट गोल्ड का करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत का मुकुट चढ़ाया

हाइलाइट्स

  • सीकर के खाटूश्याम जी मंदिर में 1 करोड़ 10 लाख का सोने का मुकुट भेंट किया गया.
  • बाबा श्याम को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है.
  • मुकुट विशेष अवसरों पर बाबा श्याम को धारण कराया जाएगा.

राहुल मनोहर/सीकर. विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम के दरबार में हर साल लाखों-करोड़ों भक्त उमड़ते हैं. मान्यता है कि खाटू नरेश के दर पर शीश नवाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम जी का मंदिर सबसे प्रसिद्ध है. इसके अलावा रींगस में भी बाबा श्याम का एक प्राचीन मंदिर है, जहां जाने से पहले रींगस से निशान उठाने की परंपरा है.

रींगस के इस प्राचीन श्याम मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां पूजा-अर्चना करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसी भक्ति और श्रद्धा के चलते बाबा श्याम के एक अनोखे भक्त ने उन्हें लगभग 1 करोड़ रुपए से भी अधिक कीमत का भव्य मुकुट भेंट किया है.

बाबा श्याम को चढ़ाया सोने का मुकुट
रींगस के प्राचीन श्याम मंदिर में हरियाणा के हांसी निवासी एक भक्त ने बाबा श्याम को सोने का भव्य मुकुट अर्पित किया है. इस मुकुट का वजन 1 किलो 187 ग्राम बताया जा रहा है, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपए है. श्याम भक्त ने बताया कि कुछ समय पहले उसने बाबा श्याम से मन्नत मांगी थी, जो पूरी होने के बाद 24 कैरेट गोल्ड का यह मुकुट चढ़ाया गया है. इस भेंट को लेकर मंदिर और भक्तों के बीच खास उत्साह देखा जा रहा है.

विशेष अवसर पर पहनाया जाएगा मुकुट
मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस बहुमूल्य मुकुट को सुरक्षित रखा गया है और इसे विशेष अवसरों पर बाबा श्याम को धारण कराया जाएगा. मंदिर सेवक कुशाल सिंह ने इस दान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “श्याम बाबा के प्रति भक्तों की श्रद्धा और भक्ति अद्भुत है. इस तरह की भेंट यह साबित करती हैं कि भक्तों का प्रेम और आस्था बाबा के चरणों में निरंतर बनी हुई है. यह घटना उन भक्तों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के बाद बाबा श्याम के प्रति अपनी कृतज्ञता और भक्ति प्रकट करना चाहते हैं.

कौन है बाबा श्याम?
हारे के सहारे कहे जाने वाले बाबा श्याम को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है. मान्यता है कि महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक, जिनके पास तीन दिव्य बाण थे, जो पूरे युद्ध का परिणाम पलटने की शक्ति रखते थे, कौरवों की ओर से युद्ध में शामिल होने जा रहे थे. भगवान कृष्ण ने बर्बरीक की इस अद्वितीय शक्ति को परखने और संतुलन बनाए रखने के लिए ब्राह्मण का रूप धारण कर उनसे भेंट की. वार्तालाप के दौरान भगवान कृष्ण ने बर्बरीक से दान में उनका शीश मांग लिया. बिना किसी संकोच और द्वंद्व के, बर्बरीक ने अपनी भक्ति और वीरता का परिचय देते हुए अपना शीश भगवान कृष्ण को समर्पित कर दिया. इस बलिदान से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने बर्बरीक को आशीर्वाद दिया और कहा, कलयुग में तुम श्याम के नाम से पूजे जाओगे. लोग तुम्हें मेरे नाम से पुकारेंगे, और तुम अपने भक्तों के हारे का सहारा’ बनोगे. तभी से बाबा श्याम को श्रद्धालु प्रेम, भक्ति और आस्था के साथ पूजते हैं.

homedharm

1 करोड़ के सोने के मुकुट से सजा बाबा श्याम का दरबार, जानिए कौन है ये भक्त

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version