Home Uncategorized 100 साल पुराने इस मंदिर में मिलेंगे चमत्कारी हनुमान, काशी से आए...

100 साल पुराने इस मंदिर में मिलेंगे चमत्कारी हनुमान, काशी से आए हैं दिल्ली

0
11


Agency:Bharat.one Uttar Pradesh

Last Updated:

Miracle hanuman temple delhi : कई पीढ़ियों से पूजा करने आते हैं लोग.

X

इस चमत्कारी हनुमान जी के मंदिर में मूर्ति स्थापित करते वक्त हो गया था यह चमत्कार

दिल्ली. आदिकाल से ही हमारे देश में पूजा-पाठ और धार्मिकता प्रबल रही है. यहां के कई मंदिर ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल के रूप में पहचान रखते हैं. कई मंदिर कई सौ साल पुराने हैं. ऐसा ही एक मंदिर पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक के किनारी बाजार में है. इसे करीब 100 साल पहले बनवाया गया था. पुरानी दिल्ली में ये मंदिर श्री बालू केसरी जी के नाम से प्रसिद्ध है. इसे सिद्ध मंदिर के रूप में भी पहचाना जाता है. ये मंदिर हनुमान जी को समर्पित है. हालांकि इसमें आपको भगवान राम भी विराजमान मिलेंगे.

इस मंदिर में रोज सुबह पूजा के लिए आने वाले सचिन पांडे कहते हैं कि उनके दादाजी के वक्त से ही उनका पूरा परिवार इस मंदिर में आ रहा है. इस मंदिर में जो भी व्यक्ति अपने लिए कुछ मांगता है, उसे जरूर मिलता है. इसलिए इसे काफी सिद्ध मंदिर भी माना जाता है. हनुमान जी की मूर्ति यहां 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है.

मूर्ति का चमत्कार
पांच पीढ़ियों से इस मंदिर की सेवा करते आ रहे परिवार की शकुंतला देवी ने Bharat.one को बताया कि जब हनुमान जी की मूर्ति को यहां स्थापित करने के लिए बनारस से लाया जा रहा था तो मूर्ति रास्ते में ही एक जगह खड़ी हो गई. वहां से आगे नहीं बढ़ रही थी. फिर इस मंदिर से प्रभु राम की एक मूर्ति को हनुमान जी के सामने पहुंचाया गया. उसके बाद ही बजरंग बली की मूर्ति वहां से इस मंदिर में आई. इसलिए इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की काफी अधिक मान्यता है.

कैसे पहुंचे यहां
इस मंदिर में पहुंचने के लिए आपको येलो मेट्रो लाइन से चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर उतरना होगा. गेट नंबर एक से बाहर निकलते ही आप किनारी बाजार की तरफ आ सकते हैं, जहां आपको ये मंदिर आराम से मिल जाएगा. यह मंदिर सुबह 6:30 बजे खुल जाता है और दोपहर 12:00 बजे तक बंद हो जाता है. शाम को ये मंदिर 5:00 बजे खुलता है और रात 9:00 बजे तक बंद हो जाता है.

homedelhi

100 साल पुराने इस मंदिर में मिलेंगे चमत्कारी हनुमान, काशी से आए हैं दिल्ली

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version