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रक्षा सूत्र एक ऐसा पवित्र धागा है, जिसका अर्थ है रक्षा करने वाला धागा. ये धागा सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा, शुभता आदि पाने के लिए बांधा जाता है. इसे आमतौर पर कलावा या मौली भी कहा जाता है. मुख्य रूप से पूजा के दौरान, राखी में कलाई पर बहनें बांधती हैं. लेकिन, जानकारी न होने के कारण कुछ लोग इसे महीनों बांधें रहते हैं. गलत हाथों में बांध लेते हैं. ऐसे में जानें रक्षा सूत्र बांधने के सही नियम क्या हैं.
हिंदू धर्म में किसी भी पूजा या विधि के बाद हाथ की कलाई पर लाल या पीला धागा बांधा जाता है, जिसे रक्षासूत्र कहते हैं. इसे सिर्फ धागा नहीं बल्कि ‘रक्षासूत्र’ माना जाता है, जो भक्तों को मुश्किलों और नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है. लेकिन कई लोग ये धागा महीनों या जब तक टूट न जाए तब तक पहने रहते हैं. ज्योतिष के अनुसार, रक्षासूत्र बांधने और उतारने के कुछ सख्त नियम हैं, जिनका पालन न करने पर इसका शुभ फल नहीं मिलता.
कितने दिनों बाद बदलना चाहिए?: शास्त्रों के अनुसार, हाथ में रक्षासूत्र ज्यादा से ज्यादा 21 दिन तक रखना चाहिए. आमतौर पर 21 दिन बाद इस धागे का रंग हल्का पड़ने लगता है और इसकी सकारात्मक ऊर्जा कम हो जाती है. रंग उड़ चुका या पुराना रक्षासूत्र हाथ में रखना अशुभ माना जाता है. इसलिए 21 दिन बाद इसे बदलकर नया रक्षासूत्र बांधना चाहिए.
रक्षासूत्र बदलने के लिए शुभ दिन: पुराना रक्षासूत्र निकालने और नया बांधने के लिए मंगलवार या शनिवार सबसे अच्छे माने जाते हैं. संक्रांति या दूसरे त्योहारों पर भी आप इसे बदल सकते हैं. बाकी किसी दिन रक्षासूत्र निकालना सही नहीं माना जाता.
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किस हाथ में बांधना चाहिए? हस्तरेखा और शास्त्र के अनुसार, पुरुष और अविवाहित लड़कियों को हमेशा दाहिने हाथ में रक्षासूत्र बांधना चाहिए. वहीं, शादीशुदा महिलाओं को बाएं हाथ में रक्षासूत्र बांधना सही माना जाता है. ऐसा करने से ग्रहों की ऊर्जा सही दिशा में जाती है.
रक्षासूत्र बांधने का तरीका: रक्षासूत्र बांधते समय आपकी मुट्ठी बंद होनी चाहिए और दूसरा हाथ सिर पर होना चाहिए. कलावा हमेशा 3, 5 या 7 बार कलाई पर लपेटना चाहिए. धागा बांधते वक्त मन में ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘येन बद्धो बली राजा…’ मंत्र का जाप करने से इसका असर बढ़ जाता है.
रक्षासूत्र उतारने के बाद क्या करना चाहिए? पुराना कलावा कभी भी कचरे में या गंदे जगह पर नहीं फेंकना चाहिए. उसे सम्मान से निकालकर किसी बहते पानी में (नदी में) प्रवाहित करें या किसी पवित्र पेड़ की जड़ में मिट्टी में दबा दें. इससे उसकी पवित्रता बनी रहती है.
इन गलतियों से बचें: गंदे हाथों से रक्षासूत्र न बांधें. रक्षासूत्र काटने के लिए कभी भी कैंची या ब्लेड का इस्तेमाल न करें, उसे हाथ से ही खोलें या तोड़ें. जिस रक्षासूत्र का रंग पूरी तरह चला गया है, उसे तुरंत बदल दें, क्योंकि वह नकारात्मक ऊर्जा खींच सकता है.
