Shivling Sthapana Niyam: ये सच है कि देवताओं में देवों के देव महादेव सबसे बड़े दयालू हैं. क्योंकि, जो भी भक्त उन्हें सच्चे मन से पुकारता है वे उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं. भगवान शंकर को किसी बड़ी पूजा की भी जरूरत नहीं है. बस नियम पूर्वक एक लोटा जल मात्र से ही वे प्रसन्न हो जाते हैं. इसलिए भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के मंदिर जाते हैं. कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने घर में शिवलिंग स्थापित किया है और उनको जलाभिषेक करते हैं. ऐसे में यदि आपने भी अपने घर में शिवलिंग स्थापित किया है या करने के बारे में सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. अब सवाल है कि घर में शिवलिंग स्थापित करने के नियम क्या हैं? घर में शिवलिंग स्थापित करते समय किन बातों का रखें ध्यान? इन बारे में Bharat.one को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-
शिवलिंग स्थापित करने के नियम और विधि
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, घर शिवलिंग स्थापित करते समय इससे जुड़े नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है. इसलिए ध्यान रखें कि, शिवलिंग स्थापित करने के लिए सबसे पहले एक स्वच्छ और शांत जगह का चयन करें. शिवलिंग उत्तर या पूर्व दिशा में ही हो और शिवलिंग का आकार अंगूठे से ज्यादा बड़ा (4-6 इंच) नहीं होना चाहिए. साथ ही, शिवलिंग को एक वेदी या चौकी पर स्थापित करें, जिसका मुख उत्तर दिशा की ओर हो. सबसे जरूरी बात- प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल विधि पूर्वक पूजन बेहद जरूरी है.
शिवलिंग स्थापित करने से जुड़ी जरूरी बातें
– आप जब भी किसी शिव मंदिर में जाते होंगे तो आपने देखा होगा कि शिवलिंग के ऊपर एक पानी से भरा पात्र लटका रहता है, जिससे हर समय पानी टपकता रहता है. इसलिए जब आप भी अपने घर पर शिवलिंग स्थापित करें तो पानी की व्यवस्था ठीक तरह से करें. दिन हो या रात हो हर समय शिवलिंग के ऊपर पानी गिरते रहना चाहिए.
– शिवलिंग पर सफेद फूल ही चढ़ाने चाहिए, यह कहा जाता है कि सफ़ेद फूल भगवान शिव को बहुत पसंद हैं. यह भी कहा जाता है कि भगवन शिव को भूलकर भी केवड़ा और चंपा के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इन फूलों को भगवन शिव ने अभिशाप दिया था.
– जब भी शिवलिंग का अभिषेक करें इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा शिवलिंग का अभिषेक चांदी, सोने या पीतल से बने नाग योनी जैसे किसी पात्र में करना चाहिए. अभिषेक करते समय इस बात का भी ध्यान रखें की अभिषेक कभी भी स्टील के स्टैंड में नहीं करना चाहिए.
– ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, हर रोज स्नान करने के बाद शिवलिंग पर चंदन का टीका लगायें, ऐसा माना जाता है कि इससे शिवलिंग पवित्र और ठंढा रहता है. साथ ही, शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाएं. पंचामृत दूध, गंगाजल और चीनी, शहद और मेवा जैसे 5 चीजों से मिलाकर बनाया जाता है.
– ज्योतिष आचार्यों की मानें तो, कोई भी पूजा शुरू करने से पहले नियमों का जरूर ध्यान रखें. इसी तरह शिव को ‘बेल’ (फल) पसंद है. माना जाता है कि यह फल चढ़ाने से इंसान की उम्र लम्बी होती है. इसलिए आप भी सुबह स्नान करने के बाद बेल का फल, भगवन शिव को चढ़ा सकते हैं.
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