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Vastu Dosh Ke Upay:पीतल और तांबे में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की क्षमता होती है इसलिए, इनका उपयोग वास्तु दोषों को कम करने के लिए किया जाता है.

वास्तु दोष दूर करने के बेहद आसान उपाय
Vastu Dosh Ke Upay: वास्तु शास्त्र भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है, जो भवन निर्माण और रहने के स्थानों को प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने का विज्ञान है. माना जाता है कि वास्तु के अनुसार बने घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, जिससे सुख-समृद्धि बनी रहती है. वहीं, वास्तु दोष होने पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ता है, जिससे जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं. पीतल और तांबा दो ऐसी धातुएं हैं जिनका वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व है.
वास्तुशास्त्री रवि पाराशर यहां बता रहे हैं कि पीतल और तांबा का वास्तुशास्त्र में क्या और कितना महत्व है. पीतल और तांबे में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की क्षमता होती है इसलिए, इनका उपयोग वास्तु दोषों को कम करने के लिए किया जाता है.
पीतल का उपयोग:
सूर्य का प्रतीक: पीतल को सूर्य का प्रतीक माना जाता है, जो ऊर्जा, तेज और जीवन शक्ति का स्रोत है. इसलिए, घर के मुख्य द्वार पर पीतल का सूर्य लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है.
उत्तर-पूर्व दिशा: पीतल के शेर को उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से व्यवसाय में तरक्की होती है और गुरु बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
वास्तु यंत्र: पीतल से बने वास्तु यंत्र, जैसे श्री यंत्र या वास्तु यंत्र, घर में स्थापित करने से वास्तु दोषों को कम किया जा सकता है.
अन्य उपयोग: पीतल के बर्तन, मूर्तियां और अन्य सजावटी सामान भी घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं.
तांबे का उपयोग:
शुद्धता और पवित्रता: तांबा शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक है. इसलिए, इसका उपयोग पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों में किया जाता है.
दक्षिण दिशा: अगर घर की दक्षिण दिशा में कोई दोष है, तो वहां तांबे का पिरामिड रखने से उस दोष को कम किया जा सकता है.
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना: तांबे का टुकड़ा घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
स्वास्थ्य के लिए लाभ: तांबे के बर्तन में पानी पीने से स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है.
पीतल और तांबे का उपयोग करते समय ध्यान रखने योग्य बातें:
- दोनों धातुओं को शुद्ध और साफ रखना चाहिए.
- इन्हें वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा में स्थापित करना चाहिए.
- इनका उपयोग अंधविश्वास के रूप में नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के एक माध्यम के रूप में करना चाहिए.
January 21, 2025, 12:53 IST
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