Home Food झोपड़ी जैसी नाश्ते की इस दुकान में रोज पहुंचते 400 ग्राहक, खुलने...

झोपड़ी जैसी नाश्ते की इस दुकान में रोज पहुंचते 400 ग्राहक, खुलने के पहले लगती लाइन, हर दिन बनते आलू चटनी के 9 कनस्तर – Bihar News

0
9


Last Updated:

Samastipur Famous Nashta Shop: ताजपुर रोड पर झोपड़ीनुमा इस दुकान का नाश्ता इतना फेमस है कि लोग शॉप खुलने के पहले ही लाइन लगा लेते हैं. समोसा, कचरी, पकोड़ा के साथ मिलने वाली आलू चटनी के प्रति ऐसी दीवानगी है कि दुकानदार रोज 8-9 कनस्तर चटनी तैयार करते हैं.

ख़बरें फटाफट

Samastipur Famous Nashta: बिहार की पहचान सिर्फ लिट्टी-चोखा तक सीमित नहीं, बल्कि यहां के सुबह के देसी नाश्ते में समोसा, जलेबी, कचरी, ब्रेड पकोड़ा और आलू चाप जैसी चीजें भी शान से शामिल होती हैं. समस्तीपुर के ताजपुर रोड पर एक ऐसी ही झोपड़ी जैसी दिखने वाली दुकान है, जो अब टेस्टी स्वाद की पहचान बन चुकी है, नाम है ‘छापरिया’ नाश्ता दुकान. सुबह के समय यहां आने वालों की भीड़ देखकर किसी बड़े रेस्टोरेंट का भ्रम हो सकता है. भोर से ही फूड लवर्स की लाइन लग जाती है.

दुकान में मिलने वाली कचरी, लिट्टी, जलेबी और समोसे की खुशबू पूरे मोहल्ले में फैल जाती है और हर गुजरने वाला ठहर कर देखता है. यहां आने वालों को पसंद आता है विविधता से भरा मेन्यू और देसी स्वाद जो कहीं और शायद ही मिले.

हर सुबह लगता है स्वाद का मेला
इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत है आलू की चटनी, जिसे हर नाश्ते के साथ मुफ्त में परोसा जाता है. बलराम विश्वकर्मा द्वारा चलाई जा रही यह दुकान आज एक ऐसा ठिकाना बन गई है जहां देसी नाश्ते के शौकीन हर सुबह बिना बुलाए पहुंच जाते हैं. ग्राहक बताते हैं कि यहां की कचरी और आलू चटनी का स्वाद ऐसा है कि एक बार चखने के बाद फिर भूला नहीं भूलता.

दुकान पर मौजूद दुर्गेश विश्वकर्मा बताते हैं कि रोजाना 30 किलो प्याज सिर्फ कचरी बनाने में लगता है, और 7-8 कनस्तर आलू चटनी तैयार होती है. यही नहीं, ‘झिल्ली’ यानी पतले चावल से बना विशेष व्यंजन भी यहां लोगों को खूब पसंद आता है. हर दिन करीब 500 लोग यहां नाश्ता करते हैं – कुछ ग्राहक तो सुबह तय समय पर लाइन में लग जाते हैं.

हर वर्ग के लोग बन गए हैं दीवाने
इस दुकान की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि बाहर से आए लोग भी इस स्वाद का आनंद लेने पहुंचते हैं. चाहे रिक्शा वाला हो या ऑफिस जाने वाला, छात्र हो या बुजुर्ग – सबका भरोसा बन चुकी है यह दुकान. यहां का खाना स्वादिष्ट होने के साथ-साथ साफ-सुथरा और जेब पर हल्का भी है.

दुकान में बैठने की व्यवस्था बहुत बड़ी नहीं है, फिर भी लोग इंतजार करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि स्वाद से समझौता नहीं होगा. यही वजह है कि ‘छापरिया’ नाश्ता दुकान अब सिर्फ दुकान नहीं, समस्तीपुर की सुबह की एक खास पहचान बन चुकी है.

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए Bharat.one Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए Bharat.one Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की … और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

झोपड़ी जैसी नाश्ते की इस दुकान में रोज पहुंचते 400 ग्राहक, आलू चटनी के लिए…


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-famous-nashta-shop-simple-taste-best-500-customer-everyday-local18-ws-l-9695091.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version