Home Lifestyle Health कॉकरोच दूध: पोषण का खजाना, वैज्ञानिकों की नई खोज

कॉकरोच दूध: पोषण का खजाना, वैज्ञानिकों की नई खोज

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Cockroach Milk Nutrition Power: वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में बताया कि कॉकरोच में दूध की तरह का पदार्थ इतना पावरफुल होता है कि इसमें गाय-भैस की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा पौष्टिकता होती है.

गाय-भैंस से 3 गुणा ज्यादा शक्तिशाली है कॉकरोच का दूध, प्रोटीन और कैलोरी का

कॉकरोच मिल्क के फायदे.

हाइलाइट्स

  • कॉकरोच का दूध गाय-भैंस से 3 गुना पौष्टिक है.
  • कॉकरोच दूध में 45% प्रोटीन, 25% कार्बोहाइड्रेट, 16-22% फैट होता है.
  • मिल्क इन्टॉलरेंस वालों के लिए कॉकरोच दूध बेहतर विकल्प हो सकता है.

Cockroach Milk Nutrition Power: वैज्ञानिकों को एक महत्वपूर्ण बात पता चली है. वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में बताया है कि कॉकरोच दूध की तरह का क्रिस्टलनुमा प्रोटीन का एक पदार्थ प्रोडयूज करता है जिसमें गाय और भैंस की तुलना में तीन गुना से भी ज्यादा पौष्टक तत्व पाया जाता है. दूध की तरह निकलने वाला यह क्रिस्टल प्रोटीन से भरा होता है. इसमें सभी आवश्यक एमिनो एसिड होता है. इसके अलावा हेल्दी फै और शुगर भी होती है. एक तरह से इस क्रिस्टलनुमा पदार्थ में कैलोरी और पोषक तत्वों का कंपलीट पैकेज होता है. यह प्रोटीन का खजाना है और इससे एनर्जी भी भरपूर मिलती है. अगर इसके सौ ग्राम दूध से कैलोरी निकाली जाए तो 232 कैलोरी इससे एनर्जी मिल जाएगी वही गाय के 100 ग्राम दूध से सिर्फ 66 कैलोरी एनर्जी मिल सकती है.

कॉकरोच में पोषक तत्व

हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक लैब टेस्ट में पाया गया कि कॉकरोच के दूध में 45 प्रतिशत प्रोटीन, 25 प्रतिशत कार्बोहाइड्रैट, 16 से 22 प्रतिशत फैट और 5 प्रतिशत एमिनो एसिड पाया जाता है. इसके अलावा इसमें ओलिक एसिड, लिनोलिक एसिड, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन, मिनरल्स, शॉर्ट चेन और मीडियम चेन फैटी एसिड भी मौजूद होता है. इसमें प्रोटीन का कंपलीट सोर्स यानी सभी 9 एमिनो एसिड पाया जाता है.

मिल्क इन्टॉलरेंस वालों के लिए बेहतर विकल्प
आज के समय में जब ज्यादादार लोगों को मिल्क इन्टॉलरेंस है, मतलब दूध उसके शरीर को सुट नहीं करता ऐसे में कॉकरोच बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. इसका कारण है कि दुनिया के 65 प्रतिशत लोगों में लेक्टोज को पचाने वाला लेक्टीज एंजाइम कम बनता है. इसलिए दूध नहीं पचता. कॉकरोच के दूध में ऐसा नहीं है. इसमें लेक्टोज होता ही नहीं है. इस कारण इस दूध को पीने से ब्लोटिंग, अपचन, नॉजिया, डायरिया जैसी परेशानी नहीं होगी. हालांकि कॉकरोच में बहुत ज्यादा कैलोरी होती है जिसके कारण इससे वजन बढ़ सकता है.

वर्तमान में संभव नहीं
बेशक इसमें पौष्टकता का भंडार छुपा हो लेकिन कॉकरोच से दूध निकालना वर्तमान में व्यावहारिक नहीं है क्योंकि इसमें जटिल प्रक्रियाओं की जरूरत होगी. इसके बावजूद इससे बहुत कम दूध निकलेगा. ऐसे में बड़ी मात्रा में कॉकरोच से दूध का उत्पादन करना फिलहाल व्यवहारिक नहीं है. वैज्ञानिकों ने बताया कि कॉकरोच में दूध की तरह का पदार्थ उसके गट में बनता है. इसके लिए कॉकरोच का मारना पड़ेगा और सौ ग्राम दूध निकालने के लिए करीब 1000 मादा कॉकरोच का मारना पड़ेगा. हालांकि कॉकरोच से दूध निकालने का विचार दिलचस्प जरूर है. हो सकता है निकट भविष्य में विज्ञान की तरक्की के साथ यह मुख्य दूध के रूप में इस्तेमाल होने लगे.

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गाय-भैंस से 3 गुणा ज्यादा शक्तिशाली है कॉकरोच का दूध, प्रोटीन और कैलोरी का


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-scientist-says-cockroach-milk-4-times-more-powerful-than-cow-and-buffalo-know-its-nutrition-9027411.html

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