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Chhatarpur News: चौरई भाजी की तासीर गर्म होती है. इस भाजी का उपयोग सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों को ठीक करने में किया जाता है. बरसात के मौसम में तो चौरई भाजी अपने आप ही उग जाती है, इसलिए लोग इसको इस मौसम में खूब ख…और पढ़ें
प्याज-मिर्च में ही करें फ्राई
उन्होंने बताया कि चौरई भाजी को बनाने के लिए सबसे पहले आप चौरई के पत्तों को तोड़कर लाएं और इसे अच्छे से धो लें. इसके बाद पत्तों और प्याज-मिर्च को काट लें. एक चम्मच तेल लें और इसे प्याज-मिर्च के साथ फ्राई कर दें. इसे धीमी आंच पर पकाएं और तब तक पकने दें, जब तक पत्तियों से पानी न निकल जाए. इसे सूखी भाजी के तौर पर बनाया जाता है. यह भाजी बहुत ही स्वादिष्ट लगती है.
जिस तरह पालक की भाजी 12 महीने उगा सकते हैं, वैसे ही चौरई भाजी को भी 12 महीने उगाया जा सकता है और यह हर महीने में खाने में अच्छी लगती है. हालांकि बरसात और ठंड में यह सबसे ज्यादा खाई जाती है. गर्मी के मौसम में लोग इसे कम खाते हैं. बरसात के मौसम में तो अपने आप ही उगती है, इसलिए बरसात के सीजन में लोग इसे खूब खाते हैं.
सर्दी-ज़ुकाम में फायदेमंद
चौरई भाजी की तासीर गर्म होती है, इसलिए इस भाजी का उपयोग सर्दी-जुकाम को ठीक करने में किया जाता है. बारिश के मौसम में तो चौरई भाजी अपने आप ही हो जाती है, इसलिए लोग इसको बरसात के मौसम में खूब खाते हैं. सर्दी-जुकाम जैसे वायरल फीवर से बचाने में भी यह मदद करती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Bharat.one किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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